Janjgir Champa: किराए पर जेसीबी-हाइवा लेकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; लाखों के वाहन और सामान बरामद - vedantsamachar.in

Janjgir Champa: किराए पर जेसीबी-हाइवा लेकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; लाखों के वाहन और सामान बरामद

जांजगीर-चांपा, 01 जून 2026 (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा पुलिस ने भारी वाहनों को किराए पर लेकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने वाले एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो जेसीबी, एक हाइवा, एक टाटा सफारी, महंगा मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल समेत लाखों रुपये की संपत्ति बरामद की है। गिरोह पिछले तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय रहकर इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अकलतरा थाना क्षेत्र के पिपरसत्ती निवासी प्रदीप कुमार कोसले ने अपनी जेसीबी मशीन की ठगी की शिकायत दर्ज कराई।

प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी जेसीबी मशीन क्रमांक CG 10 CC 8743 को किराए पर देने के लिए कुछ लोगों से संपर्क किया था। आरोपियों ने प्रतिमाह 1.40 लाख रुपये किराया देने और अग्रिम राशि जल्द जमा करने का भरोसा दिलाकर मशीन अपने कब्जे में ले ली। वाहन लेने के बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और जेसीबी में लगे जीपीएस सिस्टम को भी निकाल दिया। जब जीपीएस की अंतिम लोकेशन जबलपुर में मिली और आरोपियों से संपर्क नहीं हो पाया, तब प्रार्थी को ठगी का एहसास हुआ।

शिकायत के आधार पर थाना अकलतरा में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी किरायानामा और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भारी वाहन अपने कब्जे में लेते थे और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देते थे। वाहन बेचने के बाद वे वाहनों के नंबर और पहचान संबंधी जानकारी बदलकर उन्हें छिपाने का प्रयास करते थे।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। जांच में पता चला कि रायपुर निवासी अमृत साहू से एक जेसीबी मशीन का सौदा कर आरोपियों ने केवल झांसा दिया और बाद में वाहन को जबलपुर में बेच दिया। इसी तरह एक टाटा ट्रेलर को भी धोखाधड़ी कर दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। ठाकुर कापा निवासी सती लाल मरकाम से किराए पर लिए गए पावर ट्रैक्टर को भी बिना भुगतान किए आगे बेच दिया गया था।

मामले में गिरफ्तार आरोपियों में बिलासपुर जिले के तीरथराज कुर्रे, राहुल खांडे और सन्नी लाल पाटले के अलावा जबलपुर के शिवम जायसवाल तथा गिरोह के मास्टरमाइंड भरत गुप्ता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार भरत गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जिसे चित्रकूट और जबलपुर क्षेत्र में लगातार तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी जेसीबी ठगी का मामला दर्ज है।

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो जेसीबी मशीनें, एक हाइवा वाहन, ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा सफारी, सैमसंग गैलेक्सी एस-24 अल्ट्रा मोबाइल और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने बताया कि हाइवा वाहन को वित्तीय किस्तों का भुगतान नहीं होने के कारण जबलपुर स्थित यार्ड में फाइनेंसर द्वारा पहले ही सीज किया जा चुका था।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से भारी वाहनों के मालिकों को किराए और अग्रिम भुगतान का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। वाहन हाथ लगते ही आरोपी मोबाइल फोन बंद कर देते थे और जीपीएस सिस्टम हटाकर वाहन को दूसरे राज्य में बेच देते थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में थाना अकलतरा प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, प्रधान आरक्षक स्वाति गिरोलकर तथा आरक्षक महेंद्र राज, शेष नारायण साहू, राजा जयप्रकाश रात्रे और अंजनी कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को वाहन किराए पर देने से पहले उसका पूर्ण सत्यापन अवश्य करें तथा वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम को सक्रिय रखें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।