बिलासपुर, 16 जुलाई (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा पारदर्शिता, सतर्कता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए विकसित किए गए डिजिटल सिस्टम अब अन्य कोयला कंपनियों के लिए भी मिसाल बन रहे हैं। इसी कड़ी में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के विजिलेंस अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल 14 से 16 जुलाई तक SECL के अध्ययन दौरे पर बिलासपुर पहुंचा। इस दौरान टीम ने SECL मुख्यालय और विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में लागू आधुनिक डिजिटल तकनीकों और विजिलेंस से जुड़े नवाचारों का विस्तृत अवलोकन किया।
दौरे के दौरान CCL के अधिकारियों ने बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भ्रमण किया। यहां उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित CCTV एनालिटिक्स, इंटीग्रेटेड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (IVTS) अलर्ट, DIGICOAL एनालिटिक्स आधारित फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम और कनेक्टेड वर्कर मॉड्यूल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। अधिकारियों को बताया गया कि इन तकनीकों के माध्यम से खदानों और परिवहन गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुरक्षित बनाई गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने SECL द्वारा विकसित विभिन्न इन-हाउस डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी प्रदर्शन देखा। इनमें जटायु डैशबोर्ड, इंटरनल सिलेक्शन पोर्टल, कोल सैंपलिंग सर्विलांस पोर्टल, कोल क्वालिटी डैशबोर्ड, ट्रक डिस्पैच डैशबोर्ड और हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) प्रमुख रहे। अधिकारियों ने इन प्रणालियों के जरिए प्रशासनिक कार्यों, कोयले की गुणवत्ता, परिवहन व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद CCL की टीम ने SECL के गेवरा और दीपका क्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्हें RFID आधारित बूम बैरियर और वेब्रिज सेंटरिंग सिस्टम (WCS) के माध्यम से संचालित डिजिटल कोयला डिस्पैच व्यवस्था दिखाई गई। टीम ने हाई अर्थ मूविंग मशीनरी (HEMM) की रियल टाइम मॉनिटरिंग, कनेक्टेड वर्कर स्मार्ट सेफ्टी टैग, डिजिटल कोल क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, HMIS, ट्रक डिस्पैच डैशबोर्ड तथा रेल डिस्पैच सिस्टम का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन तकनीकों के जरिए सुरक्षा, पारदर्शिता और परिचालन दक्षता में आए सुधार को करीब से समझा।
दौरे के दौरान CCL के मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer) भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने SECL के मुख्य सतर्कता अधिकारी और विजिलेंस टीम के साथ संवाद कर डिजिटल विजिलेंस के क्षेत्र में अपनाई जा रही सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। बैठक में डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार की रोकथाम, निवारक सतर्कता को मजबूत करने और परिचालन दक्षता में सुधार के व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए।

SECL और CCL के अधिकारियों के बीच यह अध्ययन दौरा अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ। अधिकारियों ने माना कि डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग न केवल सतर्कता व्यवस्था को सशक्त बना रहा है, बल्कि कोयला उत्पादन, परिवहन, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को भी अधिक पारदर्शी एवं आधुनिक बना रहा है।
कोल इंडिया लिमिटेड और कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित यह अध्ययन दौरा भविष्य में विभिन्न कोयला कंपनियों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और डिजिटल विजिलेंस को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

