जांजगीर-चांपा, 01 जून 2026 (वेदांत समाचार)। जिले में सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष शिविरों में सभी जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के निर्देश देते हुए अधिकारियों से संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना के आगामी संचालन को लेकर भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि हेल्पलाइन व्यवस्था के संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। साथ ही शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया, ताकि योजना शुरू होने के बाद नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके।
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जांजगीर-चांपा निर्माण पोर्टल में सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आंगनबाड़ी भवनों और स्कूलों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय में और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में शासन के भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी ढंग से संपादित करने के निर्देश भी दिए।
ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा के दौरान कुछ विभागों की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी शासकीय फाइलों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से करने और डिजिटल कार्यप्रणाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों का त्वरित निष्पादन संभव होगा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले की पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी पानी की समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल संकट की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा बैठक में आयुष्मान कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता समेत विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर.के. तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

