नई दिल्ली,28 मई : एक तरफ आईपीएल 2026 को हो-हल्ला मचा हुआ है और टूर्नामेंट अपने अंत की ओर पहुंच गया है. वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम एक नया सफर शुरू करने जा रही है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया की नजरें अब अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप पर टिक गई हैं. इसके लिए टीम इंडिया पहले ही इंग्लैंड पहुंच चुकी है, जहां गुरुवार 28 मई से वो वर्ल्ड कप के लिए अपनी ‘ड्रेस रिहर्सल’ करेगी यानि तैयारियों को परखने के लिए मैदान पर उतरेगी. गुरुवार से भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज शुरू हो रही है, जिसका पहला मैच चेम्सफोर्ड में खेला जाएगा.
इंग्लैंड में ही 12 जून से विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो रहा है और इससे ठीक पहले भारत और इंग्लैंड के बीच ये टी20 सीरीज खेली जा रही है. ये सीरीज दोनों टीम के लिए तैयारियों को काम करेगी. इस सीरीज में जहां इंग्लैंड पहले से ही थोड़ा फायदे की स्थिति में है तो वहीं भारतीय टीम के सामने कुछ अहम चुनौतियां हैं. इसमें सबसे बड़ी चुनौती तो इंग्लैंड की परिस्थितियां हैं, जो न सिर्फ भारत के विपरीत हैं बल्कि मेजबान इंग्लैंड की तुलना में भारतीय टीम को इनके साथ ढलने में वक्त लगेगा.
दूसरी बड़ी चुनौती चेम्सफोर्ड काउंटी ग्राउंड की है. भारतीय टीम ने इस मैदान पर 14 साल से कोई मैच नहीं खेला है. यहां भारतीय टीम ने सिर्फ एक मैच 2012 में खेला था, जब इंग्लैंड के हाथों उसे टी20 मैच में 8 विकेट से शिकस्त मिली थी. उस मैच में टीम का हिस्सा रहीं सिर्फ हरमनप्रीत कौर ही मौजूदा भारतीय टीम में शामिल हैं.
एक और अहम चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ खराब रिकॉर्ड है, जो बताता है कि भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड को हराना बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला. भारत और इंग्लैंड के बीच महिला टी20 के कुल 35 मैच खेले गए हैं, जिसमें से टीम इंडिया ने सिर्फ 11 जीते हैं, जबकि इंग्लैंड ने 24 मुकाबलों में जीत दर्ज की है. हालांकि पिछले साल ही टीम इंडिया ने पहली बार इंग्लैंड को उसके घर में 3-2 से टी20 सीरीज में हराया था.
वहीं एक बड़ी परेशानी स्टार ओपनर स्मृति मंधाना की फॉर्म है. हाल ही में अप्रैल के महीने में साउथ अफ्रीका दौरे पर मंधाना का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. यहां तक कि उन्हें आखिरी 2 मुकाबलों से बाहर भी कर दिया गया था. ऐसे में उनके लिए इस सीरीज में अपनी लय वापस हासिल करना सबसे अहम है क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो टी20 वर्ल्ड कप में मुश्किलें बढ़नी तय हैं.

