तेंदूपत्ता संग्रह से IFS तक: रायगढ़ के अजय गुप्ता ने रचा इतिहास, वनांचल के युवाओं के लिए बने प्रेरणा - vedantsamachar.in

तेंदूपत्ता संग्रह से IFS तक: रायगढ़ के अजय गुप्ता ने रचा इतिहास, वनांचल के युवाओं के लिए बने प्रेरणा

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई, बोले- अजय ने पूरे छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान

रायपुर, 28 मई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी के रहने वाले अजय गुप्ता ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करने से लेकर देश की प्रतिष्ठित सेवा भारतीय वन सेवा तक पहुंचने का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात के दौरान अजय गुप्ता को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अजय ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही अवसर, मेहनत और संकल्प से कोई भी युवा बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार की मदद करने वाला युवक आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। यह सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है।

छात्रवृत्ति योजनाओं से मिली आगे बढ़ने की ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

जंगलों और संघर्षों के बीच बीता बचपन

रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवार में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों और खेती-किसानी के माहौल में बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा।

अजय ने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एनआईटी रायपुर में प्रवेश मिला, जहां उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ भी मिला।

ऑल इंडिया 91वीं रैंक हासिल कर बने IFS अधिकारी

कड़ी मेहनत और लगातार संघर्ष के दम पर अजय गुप्ता ने भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनके सपने सीमित थे और उन्हें लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनकी सोच को व्यापक बनाया।

अजय ने कहा कि जंगल हमेशा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और प्रकृति से जुड़ाव ने ही उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनके अनुसार जंगलों ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने अजय गुप्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अजय जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प का संदेश देंगे।