कोरबा, 23 मई (वेदांत समाचार)। कोरबा में नवजात शिशु के अवैध दत्तक ग्रहण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला मेडिकल कॉलेज में जन्मे एक नवजात शिशु को कथित रूप से अवैध लेन-देन के जरिए दूसरे पालक को सौंपे जाने की जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला बालक कल्याण एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष Kunal Dudawat के निर्देश पर कार्रवाई की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग Basant Minj के मार्गदर्शन में जिला चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 की जिला समन्वयक Sarita Sinha द्वारा संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि देश में केवल उन्हीं बच्चों को कानूनी रूप से गोद लिया जा सकता है, जिन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक ग्रहण के लिए वैधानिक रूप से स्वीकृत किया गया हो। किसी भी बच्चे की खरीद-फरोख्त, अवैध लेन-देन या गैरकानूनी तरीके से दत्तक ग्रहण कराना कानूनन अपराध है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, भारत में दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण के माध्यम से संचालित होती है। इच्छुक दंपत्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है और महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि दत्तक ग्रहण नियमों का उल्लंघन करने पर दत्तक ग्रहण विनियम और मानव तस्करी संबंधी प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी पूरे देश में बच्चों के अवैध दत्तक ग्रहण को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त या गैरकानूनी दत्तक ग्रहण जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचित करें।

