बांकीमोंगरा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, चोरी का तार व अन्य सामान बरामद
कोरबा, 21 मई (वेदांत समाचार)। जिले में चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांकीमोंगरा और साइबर पुलिस थाना की संयुक्त टीम ने विद्युत तार चोरी के एक बड़े मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए कबाड़ी संचालक समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया विद्युत तार, लोहे के उपकरण, मोबाइल फोन और सायकल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी कटघोरा के सहायक अभियंता रंजीत पैकरा ने 19 मई 2026 को थाना बांकीमोंगरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 और 13 मई की दरमियानी रात सिंघाली लोकहित क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने विद्युत पोल को क्षतिग्रस्त कर करीब 3100 मीटर विद्युत तार चोरी कर लिया। घटना से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत धारा 303(2), 324(4), 317(2), 3(5) बीएनएस, छत्तीसगढ़ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 136-1(ए), 140, 137 तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना बांकीमोंगरा और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में राजीवनगर कटघोरा निवासी कबाड़ी दुकान संचालक मनोज कुमार साहू उर्फ मोनू (33), अमरपुर सिंघाली निवासी विजयपाल कंवर (30), सिंघाली बस्ती निवासी शेखर सिंह अगरिया (28), अनुप कुमार चौहान (32) तथा जवाली निवासी मोहनलाल रोहिदास (45) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया विद्युत तार, विद्युत खंभों में प्रयुक्त लोहे के चैनल एवं अन्य उपकरण, एक मोबाइल फोन तथा एक सायकल जब्त की है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को 20 मई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
कोरबा police ने कहा है कि जनहित से जुड़ी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

