कोरबा, 21 मई (वेदांत समाचार)। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग कोरबा, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ तथा एमसीसीआर ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से जिला पंचायत सभागार में विभिन्न समाज प्रमुखों के लिए गैर संचारी रोगों पर विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक नेतृत्व की भूमिका को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे लगभग 40 समाज प्रमुखों एवं स्थानीय नेतृत्वकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को बच्चों में होने वाले गैर संचारी रोगों की प्रारंभिक पहचान, समय पर जांच, उपचार एवं रेफरल सेवाओं के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच तथा संस्थागत प्रसव की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
सत्र के दौरान बाल मधुमेह के शुरुआती लक्षणों जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना तथा कमजोरी महसूस होने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वहीं सिकल सेल रोग की नियमित जांच एवं परामर्श तथा जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान एवं उपचार के महत्व को सरल एवं व्यवहारिक भाषा में समझाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा कि समाज प्रमुख एवं सामुदायिक नेतृत्वकर्ता गांव और वार्ड स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक नेतृत्व के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी संदेशों का प्रभावी प्रसार संभव है, जिससे समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी, सहभागिता एवं जागरूकता को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम का संचालन यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में यूनिसेफ टीम, डॉ. डी. श्याम कुमार तथा एमसीसीआर ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, जिला नोडल अधिकारी डॉ. बी.आर. रात्रे सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

