नई दिल्ली, 23 मार्च । ज़ाइडस लाइफसाइंसेज़ लिमिटेड ने भारत में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे सेमाग्लिन, माशेमा और अल्टरमे ब्रांड नामों के तहत बाजार में उतारा है। इस दवा को टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए पेश किया गया है।
इस इंजेक्शन को पहले ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से निर्माण और विपणन की मंजूरी मिल चुकी है। पेटेंट खत्म होने के बाद कंपनी ने इसे भारतीय बाजार में उपलब्ध कराया है, जिससे मरीजों को किफायती विकल्प मिल सकेगा।
नई दवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक पेन डिवाइस है। कंपनी ने प्री-फिल्ड कार्ट्रिज के साथ एक री-यूजेबल मल्टी-डोज़ पेन पेश किया है, जिससे मरीज एक ही पेन से अलग-अलग डोज़ आसानी से ले सकेंगे। इससे बार-बार सिंगल-डोज़ पेन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इलाज अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
कंपनी के अनुसार, यह इंजेक्शन 15 मिलीग्राम/3 मिलीलीटर कार्ट्रिज में उपलब्ध होगा और इसका निर्माण अहमदाबाद स्थित ज़ाइडस बायोटेक पार्क में किया जा रहा है। इस उपचार की औसत मासिक लागत करीब 2,200 रुपये रखी गई है, जिससे यह अन्य विकल्पों की तुलना में सस्ता साबित हो सकता है।
भारत में डायबिटीज और मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं बन चुकी हैं। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, देश में लगभग 8.9 करोड़ वयस्क डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो कुल वयस्क आबादी का 10.5 प्रतिशत है। वहीं मोटापे के मामलों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, खासकर महिलाओं और पुरुषों दोनों में।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीएलपी-1 आधारित यह नई थेरेपी इन बीमारियों के प्रबंधन में अहम भूमिका निभा सकती है। नई तकनीक और किफायती कीमत के साथ यह दवा मरीजों के लिए एक प्रभावी और आसान उपचार विकल्प के रूप में उभर सकती है।
