दुनियाभर में अपनी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों से सनसनी मचाने वाली चीनी कार कंपनी BYD ने भारत में अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. BYD इंडिया ने ऐलान किया है कि वह देश में 1 जुलाई 2026 से कारों की कीमतें बढ़ाने जा रही है. बढ़ी हुई कीमतें पूरे पोर्टफोलियो पर लागू होंगी. हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया है कि कौन-सी कार कितनी महंगी होगी, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी 1 से 2 प्रतिशत तक हो सकती है. इसके बाद नई कीमतें मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होंगी.
BYD ने बताया है कि ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले बढ़ती एक्सचेंज रेट की वजह से लागत में भी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, कंपनी ने मई और जून में कार बुक करने वालों को राहत दी है. BYD ने कहा है कि मई और जून में कार बुक करने वाले ग्राहकों को मौजूदा कीमतों पर ही कार मिलेगी. इस लिहाज से देखा जाए तो जो लोग BYD की इलेक्ट्रिक कारें खरीदना चाहते हैं, उनके पास करीब डेढ़ महीने का समय है. मई और जून में बुकिंग करने वाले ग्राहकों को 31 जुलाई से पहले डिलीवरी मिल जाएगी. वहीं, 1 जुलाई के बाद बुकिंग करने वालों को बढ़ी हुई कीमतों पर कार खरीदनी होगी.
BYD भारत में बेचती है ये कारें
BYD इंडिया के इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बिजनेस हेड राजीव चौहान ने बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव से जुड़ा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बाजार में BYD Atto 3 और Sealion 7 जैसे मॉडलों की मांग लगातार बनी हुई है. BYD फिलहाल भारत में Atto 3 और Sealion 7 जैसी इलेक्ट्रिक कारें बेचती है. कंपनी ने इन कारों में अपनी इन-हाउस तकनीकों, जैसे Blade Battery, Cell-to-Body Integration और 8-in-1 इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का इस्तेमाल किया है. कंपनी ने कहा कि वह भारत में अपने रिटेल और सर्विस नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है. फिलहाल भारत में BYD के 40 शहरों में 48 डीलरशिप हैं.
नई तकनीक पर काम कर रही BYD
दुनियाभर में BYD लगातार नई और टिकाऊ मोबिलिटी तकनीकों पर काम कर रही है. कंपनी ने अपनी दूसरी पीढ़ी की Blade Battery और एडवांस फ्लैश-चार्जिंग टेक्नोलॉजी पेश की है. इसके जरिए BYD सुरक्षित, स्मार्ट और ज्यादा बेहतर न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) सॉल्यूशंस देने पर जोर दे रही है. इन नई तकनीकों को इस तरह तैयार किया गया है कि गाड़ियों की चार्जिंग पहले से ज्यादा तेज हो, बैटरी की सुरक्षा बेहतर बने, ऊर्जा की बचत हो और वाहन की कुल परफॉर्मेंस में सुधार आए.

