रायपुर, 13 मई (वेदांत समाचार)। Shyam Bihari Jaiswal ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर राज्य के नर्सिंग संवर्ग को बड़ा सम्मान देते हुए महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब छत्तीसगढ़ में “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
यह घोषणा Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कोविड काल को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। चिकित्सा सेवा में नर्स का स्थान मां के समान होता है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने Vishnu Deo Sai का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। वर्षों से लंबित कई सुविधाओं और व्यवस्थाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग स्टाफ को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

