NEET अब नीलामी… 10 साल में 89 पेपर, 48 Re-Exam`, राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला – vedantsamachar.in

NEET अब नीलामी… 10 साल में 89 पेपर, 48 Re-Exam`, राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर परीक्षाओं के पर्चे लीक होने को लेकर एक बार फिर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने अपने एक्स (X) हैंडल से लिखा, `NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी. परीक्षा नहीं NEET अब नीलामी है. कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे.

Rahul Gandhi news: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर परीक्षाओं के पर्चे लीक होने को लेकर एक बार फिर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने अपने एक्स (X) हैंडल से लिखा, ‘NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी. परीक्षा नहीं NEET अब नीलामी है. कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले वाट्सऐप (WhatsApp) पर बिक रहे थे. 22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आंखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाजार में सरेआम नीलाम हो गया. यह पहली बार नहीं है. 10 साल में 89 पेपर लीक और 48 बार दोबारा परीक्षा. हर बार वही वादे, और फिर वही खामोशी. मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो गरीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है. आज 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है. और मोदी सरकार से बड़ा खतरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं. मैं भारत के युवा के साथ हूं यह वक्त बेहद मुश्किल है, मैं जानता हूं. लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी. हम मिलकर इसे बदलेंगे.

नीट परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए की सफाई आई है. NTA के मुताबिक 7 मई को कथित गड़बड़ी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया है. अब SOG और अन्य जांच एजेंसियां तहकीकात कर रही हैं. एजेंसी ने नीट एग्जाम देने वाले छात्रों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है.

24 घंटे में मोदी सरकार पर दूसरा हमला

आपको बताते चलें कि इससे पहले एलओपी राहुल गांधी ने पीएम मोदी की जनता से की गई उस अपील को लेकर निशाना साधा था, जिसमें पीएम मोदी ने लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने, सालभर सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने को कहा था. पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद की एक रैली में देशवासियों से सार्वजनिक परिवहन के साधनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने और युद्ध के प्रभाव से बचने के लिए विदेशी सामान न मंगवाकर वोकल फॉर लोकल का नारा दोहराया था.