अंबिकापुर में 65 डिसमिल सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण – vedantsamachar.in

अंबिकापुर में 65 डिसमिल सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

अंबिकापुर, 11 मई । अंबिकापुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कमोदा बिहार रिसॉर्ट से जुड़े अतिक्रमण को हटाया। सुबह तड़के बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने करीब चार घंटे तक कार्रवाई चलाकर शेड, बाउंड्री और अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने बताया कि रिसॉर्ट संचालकों द्वारा लगभग 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया था, जबकि कुल मिलाकर करीब 65 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।

सुबह 5:30 बजे प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। कार्रवाई सुबह 6 बजे शुरू हुई। एसडीएम वन सिंह नेताम के अनुसार शनिवार को ही सरकारी जमीन की मार्किंग पूरी कर ली गई थी। उस दौरान रिसॉर्ट संचालकों ने विरोध करते हुए कब्जा हटाने के लिए दो दिनों की मोहलत मांगी थी, जिसके बाद टीम लौट गई थी। हालांकि तय समय के बावजूद संचालकों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन ने सोमवार को सख्त कार्रवाई की।

प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर की मदद से रिसॉर्ट संचालकों द्वारा बनाए गए बड़े शेड और बाउंड्री को तोड़ दिया। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति द्वारा कब्जा कर बनाए गए कमरों को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट संचालकों ने एक बार फिर विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था और किसी भी दबाव को नजरअंदाज करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि यह मामला अंबिकापुर तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन था। जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा सही पाया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत रिसॉर्ट संचालकों को बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। साथ ही कब्जा हटाने के लिए पहले ही अंतिम नोटिस भी दिया गया था।

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद अब इस सरकारी जमीन का उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाएगा। यहां आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए जमीन आबंटित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके।

बताया जा रहा है कि कमोदा रिसॉर्ट पुनर्वास की जमीन पर बना हुआ है। मामले में एक भू-स्वामी दीपक राय ने कलेक्टर सरगुजा से शिकायत कर आरोप लगाया है कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से कराई गई है। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है।

प्राथमिक जांच में रिसॉर्ट, उसका लॉन और अधिकांश हिस्सा वैध रजिस्ट्री की जमीन पर संचालित पाया गया है, जबकि शेड और बाउंड्री का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया था। प्रशासन ने फिलहाल केवल उसी हिस्से पर कार्रवाई की है जहां अवैध कब्जा पाया गया।