रायगढ़ के दिव्यांशु देवांगन बने ‘चैंपियन ऑफ द वर्ल्ड’, ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड और वर्ल्ड रिकॉर्ड से रचा इतिहास – vedantsamachar.in

रायगढ़ के दिव्यांशु देवांगन बने ‘चैंपियन ऑफ द वर्ल्ड’, ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड और वर्ल्ड रिकॉर्ड से रचा इतिहास

रायगढ़, 11 मई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के युवा निशानेबाज Divyanshu Devangan ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित ISSF Junior World Cup 2026 में दिव्यांशु ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ और रायगढ़ में जश्न का माहौल है।

दिव्यांशु देवांगन और उनकी साथी खिलाड़ी शाम्भवी क्षीरसागर ने मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में 499.9 का ऐतिहासिक स्कोर बनाया, जो जूनियर वर्ग में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे और फ्रांस जैसी मजबूत टीमों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी दोनों खिलाड़ियों ने 632.0 का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया था।

विश्व रिकॉर्ड और स्वर्ण पदक जीतने के बाद रायगढ़ लौटे दिव्यांशु का भव्य स्वागत किया गया। शहर के चक्रधर कला एवं संगीत महाविद्यालय परिसर स्थित उनके निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और रायगढ़ की मिट्टी को दिया। उन्होंने कहा कि यह पदक सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश और रायगढ़ शहर का है। दिव्यांशु ने कहा कि वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना उनका सपना था, जो कड़ी मेहनत और लोगों के आशीर्वाद से पूरा हुआ है। अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।

दिव्यांशु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके माता-पिता शैलेंद्र देवांगन और श्रीमती यामिनी देवांगन भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि बेटे ने वर्षों तक कठिन मेहनत की और लगातार अभ्यास में खुद को झोंक दिया। परिवार ने बताया कि दिव्यांशु ने अपने लक्ष्य के लिए हर चुनौती का सामना किया और आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरे देश के सामने है।

दिव्यांशु के नाना ने भी अपने नाती की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि बचपन से ही उसका ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहता था। उन्होंने विश्वास जताया कि दिव्यांशु भविष्य में ओलंपिक में भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करेगा।

हालांकि अपनी सफलता के साथ दिव्यांशु ने राज्य की खेल व्यवस्था और सरकारी सहयोग को लेकर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी और उसमें भाग लेने के दौरान उन्हें शासन और खेल विभाग से कोई विशेष सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी को वैश्विक स्तर पर पहुंचने के लिए आर्थिक और मानसिक समर्थन की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें अपने दम पर संघर्ष करना पड़ा।

दिव्यांशु ने रायगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक अभ्यास सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों और बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से रायगढ़ में एयर राइफल शूटिंग अकादमी स्थापित करने की मांग की ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि यदि रायगढ़ में विश्वस्तरीय शूटिंग सेंटर और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यहां से कई और खिलाड़ी निकल सकते हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दिव्यांशु ने कहा कि सरकार को खिलाड़ियों को केवल जीत के बाद सम्मानित करने के बजाय तैयारी के दौर में भी सहयोग देना चाहिए।

दिव्यांशु देवांगन की इस उपलब्धि ने रायगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है और साथ ही राज्य की खेल व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत की ओर भी ध्यान खींच रही है।