रायपुर, 08 मई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह पंजीयन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ही ऑनलाइन मैरिज रजिस्ट्रेशन और डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीणों को शादी का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पंचायत सचिव ही आवेदन की जांच कर डिजिटल हस्ताक्षर के साथ विवाह प्रमाण पत्र जारी करेंगे।
सरकार की इस नई व्यवस्था को प्रदेश की सभी 11,644 ग्राम पंचायतों में लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब तक पंचायतों में जारी होने वाले मैनुअल विवाह प्रमाण पत्र की जगह पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार नवदंपती लोक सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से केवल 30 रुपए शुल्क देकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद पंचायत सचिव दस्तावेजों की जांच करेंगे और 15 दिनों के भीतर डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य होगा। वहीं विवाह के एक वर्ष बाद आवेदन करने पर 500 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
सरकार ने नियमों में राहत देते हुए जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी है। अब उम्र और पहचान सत्यापन के लिए कोई भी वैध दस्तावेज स्वीकार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री द्वारा विवाह पंजीयन पोर्टल की शुरुआत की जा चुकी है और जिन जिलों में तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो गई है, वहां यह सुविधा शुरू भी कर दी गई है।
इस नई डिजिटल व्यवस्था से बाल विवाह रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन प्रक्रिया में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए उम्र सत्यापन होने से गलत जानकारी देना आसान नहीं होगा। इससे नाबालिग विवाह पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट नवविवाहित दंपतियों के लिए कई सरकारी और कानूनी कार्यों में उपयोगी साबित होगा। इसके माध्यम से उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, संयुक्त बैंक खाता और पासपोर्ट में नाम जुड़वाने जैसी प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को पंचायत स्तर पर ही सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

