मुंगेली 8 मई 2026। जिले में बरेला से फास्टरपुर तक गुजरने वाला मुंगेली-बिलासपुर नेशनल हाईवे इन दिनों बदहाल सड़क, गहरे गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों के लिए बड़ी परेशानी और हादसों की वजह बनता जा रहा है। सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है कि राहगीर अब इसे “मौत का हाईवे” कहने लगे हैं। कई हिस्सों में सड़क अब भी पूरी तरह नहीं बन पाई है, जबकि जहां निर्माण हुआ है वहां भी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
बरेला से शुरू होती है बदहाल सड़क
हाईवे में सबसे ज्यादा खराब स्थिति बरेला क्षेत्र के आसपास देखने को मिल रही है। यहां कई जगह सड़क अधूरी पड़ी हुई है और बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में असंतुलित हो जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।
बिजली ऑफिस के सामने सड़क बनी मुसीबत
मुंगेली शहर में बिजली ऑफिस के सामने भी सड़क की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। बीच सड़क पर बने गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित होता है। हल्की बारिश में तालाब जैसा पानी भर जाता है, भारी वाहनों के गुजरने पर छोटे वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
पड़ाव चौक से फास्टरपुर तक भी कई हिस्से खराब
मुंगेली के पड़ाव चौक से लेकर फास्टरपुर की ओर जाने वाले हिस्से में भी सड़क कई जगह खराब हो चुकी है। कहीं डामर उखड़ गया है, सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए अचानक झटका और दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। ऐसा लोगों का कहना है। लोगों में नाराजगी इसीलिए भी है कि निर्माण कार्य में लेटलतीफी का खामियाजा लोगों को इस कदर भुगतना पड़ रहा है, एक तो बरेला से फास्टरपुर के बीच सड़क निर्माण में कई जगह नवीन सड़क ही नहीं बने है और कुछ जगह तो बनाई गईं सड़क पर गड्ढे और दरार दिखने शुरू हो गए हैं, जिससे निर्माण कार्य की क्वालिटी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद इस तरह उखड़ना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है
टोल नाके के पास बनी नई सड़क में दरार
सोढार स्थित निर्माणाधीन टोल नाके के पास बनी नई सड़क में भी दरारें दिखाई देने लगी है। सड़क के बीचों-बीच लंबी लाइन में पड़ी दरारों को देखकर लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही उसमें खराबी सामने आने लगी है। इसके अलावा टोल नाके के आसपास मिट्टी के अस्थायी ब्रेकर और अधूरा निर्माण भी राहगीरों के लिए परेशानी बना हुआ है। हल्की बारिश में यह क्षेत्र कीचड़ और फिसलन में बदल जाता है।
आंधी में टूटा टोल प्लाजा का बोर्ड, अब तक नहीं हटाया गया
दो-तीन दिन पहले आई तेज आंधी में निर्माणाधीन टोल प्लाजा के बोर्ड का एक हिस्सा टूटकर अधर में लटक गया, जो अब तक मौके से हटाया नहीं गया है। बोर्ड का हिस्सा अधर में लटका हुआ है, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब होने या बारिश-आंधी के दौरान राहगीर अक्सर इस जगह रुककर बचाव करते हैं। ऐसे में लटका हुआ भारी बोर्ड कभी भी गिरकर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए तत्काल हटाने की मांग की है।
हादसे के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
कुछ दिन पहले निर्माणाधीन टोल नाके और जिला पंचायत कार्यालय के बीच सड़क पर बने गड्ढे के कारण हुए दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सड़क सुधार को लेकर उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक हालात में कोई बड़ा सुधार नजर नहीं आया है। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों और हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
अधूरी सड़क के बीच टोल वसूली की तैयारी?
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, बावजूद इसके टोल प्लाजा का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।जिससे लोगों में आशंका है की टोल टैक्स वसूली करने की तैयारी चल रही है,लोगों का कहना है कि जब सड़क सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण नहीं है, तब टोल टैक्स वसूली की तैयारी करना गलत है।राहगीरों का कहना है कि पहले सड़क को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, उसके बाद ही टोल शुरू किया जाना चाहिए।
लोगों ने उठाई जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदारों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत और सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
अपर कलेक्टर ने कही यह बात
इस पुरे मसले पर अपर कलेक्टर निष्ठा पांडेय तिवारी का कहना है की NH विभाग़ को पत्राचार कर संबंधित समस्या को ठीक करने निर्देशित किया जाएगा।

