407 से भिड़ी कार, चालक भी घायल
कोरबा 8 मई 2026। नेशनल हाईवे 130 पर मध्य रात्रि को हुए भीषण सडक़ हादसे में नार्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड के तकनीकी निदेशक ए.के.त्यागी की मौत हो गई। कार का चालक इस घटना में घायल हुआ है जबकि एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित है। इनकी कार की टक्कर 407 से हुई। आनन-फानन में त्यागी को अपोलो बिलासपुर भिजवाया गया, जहां उन्हें नहीं बचाया जा सका। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है।
कोरबा जिले के बांगो पुलिस थानांतर्गत मड़ई (सरभोंका) क्षेत्र में रात्रि 1 बजे के आसपास यह घटना हुई। खबर के अनुसार एसईसीएल गेवरा में कुछ समय तक महाप्रबंधक रहे ए.के.त्यागी का कुछ महीने पहले ही प्रमोशन हुआ है। विभागीय ड्यूटी के तहत उन्होंने डायरेक्टर टेक्निकल के लिए पात्रता हासिल की। कोल इंडिया के नियम के तहत उन्हें एनसीएल सिंगरौली में पदस्थ किया गया। वे नई पदस्थापना पर ज्वाइन करने के लिए पिछली रात गेवरा से एक अन्य सहयोगी के साथ रवाना हुए थे। कोरबा जिले के सीमा क्षेत्र में बांगो थाना में 30 किलोमीटर आगे मड़ई के नजदीक उनकी कार की भिड़ंत विपरीत दिशा से आ रहे एक 407 मिनी ट्रक से हो गई। इस घटना में गाड़ी चालक को चोटें आई जबकि श्री त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गए। कार सवार एक सहयोगी देवयोग से सुरक्षित बचा। घटना के दौरान इस रास्ते से गुजर रहे लोगों ने संज्ञान लिया। कुछ ही देर में हाइवे पेट्रोलिंग और बांगो पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पीडि़तों को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया और वहां से प्राथमिक चिकित्सा के बाद अपोलो बिलासपुर रेफर कर दिया गया। वहां पर उपचार के दौरान एके त्यागी का निधन हो गया। वहीं घायल कार चालक का उपचार जारी है। रात्रि को हुए इस घटनाक्रम ने एसईसीएल कंपनी में अधिकारियों व श्री त्यागी के परिचितों को मायूस कर दिया। गेवरा में पदस्थापना के दौरान अपने व्यवहार से उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों के बीच जगह बनाई थी। उनकी पदोन्नति से यहां खुशी थी लेकिन रात को हुई घटना की खबर जैसे ही फैली, लोग शोक में डूब गए। वहीं एनसीएल प्रबंधन ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उत्तर भारत के रहने वाले अरूण त्यागी के परिजनों को इस घटना के बारे में अवगत करा दिया गया है। उनके यहां पहुंचने के बाद अगली कार्यवाही की जाएगी।
भूतल परिवहन विभाग ने दी मंजूरी
छत्तीसगढ़ को झारखंड और उत्तरप्रदेश से जोडऩे वाले इस हाईवे पर आवागमन के दबाव को देखते हुए विस्तार की जरूरत महसूस की जाती रही है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने पिछले दिनों फोरलेन निर्माण के लिए भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी को पत्र भेजा था और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे, जिस पर फोरलेन निर्माण को स्वीकृति दे दी गई है। आगामी दिनों में इस पर काम होना है। जानकारों का कहना है कि हाईवे के फोरलेन होने पर या तो आवागमन सुरक्षित होगा या फिर दुर्घटनाओं में तेजी आएगी।
