जांजगीर-चांपा 8 मई 2026। जिले में धान खरीदी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। सहकारिता विभाग की जांच में किरीत, बिर्रा और कड़ारी धान खरीदी केंद्रों में भारी अनियमितता उजागर हुई है।
जांच के दौरान कुल 4714.3 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ 46 लाख रुपए आंकी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी, प्रबंधक और हमाल समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ एफ्नाईआर दर्ज कराई है।
रिकॉर्ड में खेत, जमीन पर धान गायब
सहकारिता विभाग द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर सामने आया। जांच टीम ने पाया कि रिकॉर्ड में धान की मात्रा अधिक दिखाई गई, जबकि मौके पर उतना धान मौजूद नहीं था। कई जगह फर्जी
एंट्री कर दस्तावेजों को मैच कराने की कोशिश भी की गई। प्राथमिक जांच में खरीदी और उठाव से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी कर सरकारी राशि को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित आर्थिक गड़बड़ी का मामला हो सकता है।
तीन थानों में दर्ज हुई एफआईआर
मामले में नवागढ़, बिर्रा और बाराद्वार थानों में अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने खरीदी केंद्रों के प्रभारी, केंद्र प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 7 आरोपियों को नामजद किया है। पुलिस अब दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर, परिवहन रिकॉर्ड और उठाव संबंधी कागजात की गहन जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढऩे पर और भी नाम सामने आ सकते हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद मचा हडक़ंप
सूत्रों के मुताबिक सहकारिता विभाग ने नियमित सत्यापन के दौरान स्टॉक में भारी कमी पकड़ी थी। इसके बाद विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें करोड़ों रुपए की गड़बड़ी उजागर हुई। रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धान की हेराफेरी केवल खरीदी केंद्र स्तर तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड की भी जांच की तैयारी चल रही है, ताकि कहीं और भी ऐसी अनियमितता तो नहीं हुई।
सात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज
सहकारिता विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। जांच में लगभग 4714.3 स क्विंटल धान की कमी सामने आई है, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ 46 लाख रुपए है। रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी एंट्री का और स्टॉक गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।
