जांजगीर-चांपा, 05 मई 2026 (वेदांत समाचार)। जिले में खेती के क्षेत्र में नवाचार की एक प्रेरक मिसाल सामने आई है। पामगढ़ विकासखंड के ग्राम बारगांव के उन्नतिशील किसान कुंवर सिंह मधुकर (नंदकुमार) ने पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर फसल विविधिकरण अपनाया है, जिससे उनकी आय में दोगुनी से तीन गुना तक वृद्धि हुई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मंगलवार को किसान के खेत पहुंचकर इस नवाचार का निरीक्षण किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खेत में लगाए गए विभिन्न पौधों और फसलों की जानकारी ली। किसान मधुकर ने अपने 18 एकड़ कृषि रकबे में आम, खीरा, लौकी, कटहल, नींबू, एप्पल बेर, काली मिर्च, कुंदरू और परवल जैसी कई वैकल्पिक फसलों का उत्पादन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती की तुलना में फसल विविधिकरण से उन्हें अधिक लाभ मिल रहा है और जोखिम भी कम हुआ है।
खेत में बड़े पैमाने पर बागवानी और मिश्रित खेती का मॉडल अपनाया गया है। किसान ने 18 एकड़ में कटहल के 250 पौधे, नींबू के 600 नए और 250 पुराने पौधे, एप्पल बेर के 100 पौधे, ऑस्ट्रेलियन टीक के 1700 पौधे और काली मिर्च के 300 पौधे लगाए हैं। इसके अलावा कुंदरू 2 एकड़, परवल 3 एकड़, खीरा 1 एकड़ 20 डिसमिल, लौकी 1 एकड़ 50 डिसमिल और डोडका 80 डिसमिल क्षेत्र में उगाया जा रहा है।
कलेक्टर महोबे ने कहा कि फसल विविधिकरण न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी भी बनाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के अन्य किसानों के लिए ऐसे मॉडल खेतों का भ्रमण कराया जाए, ताकि वे भी आधुनिक और लाभकारी खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।
इस दौरान सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना माखीजा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिले में इस तरह के नवाचारों से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
