रायपुर, 05 मई (वेदांत समाचार)। नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) कैंसर उपचार के दौरान मरीजों में होने वाले कुपोषण से निपटने के लिए प्रभावी और मरीज-केंद्रित मॉडल पर काम कर रहा है। वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संचालित यह 170 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को उन्नत इलाज की सुविधा प्रदान कर रहा है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और सरकारी योजनाओं के तहत इलाज कराते हैं।
कैंसर उपचार के दौरान पोषण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कई मरीज पहले से ही पोषण की कमी के साथ अस्पताल पहुंचते हैं। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के दौरान मतली, भूख में कमी, मुंह में छाले, स्वाद में बदलाव और निगलने में दिक्कत जैसी समस्याएं मरीजों के भोजन सेवन को प्रभावित करती हैं। इससे वजन तेजी से घटता है, शरीर कमजोर होता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे इलाज की प्रभावशीलता पर भी असर पड़ता है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए बीएमसी ने कीमोथेरेपी ले रहे मरीजों के लिए ‘हाई प्रोटीन डाइट प्लेटर’ की शुरुआत की है। इस प्लेटर में केले, बादाम, खजूर और प्रोटीन युक्त बिस्किट जैसे ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जिन्हें मरीज आसानी से खा सकें। जिन मरीजों को ठोस भोजन लेने में परेशानी होती है, उनके लिए सत्तू का पानी और दाल का पानी जैसे पौष्टिक विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल को बीएमसी चैरिटेबल फंड का सहयोग मिल रहा है।
सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित मरीजों में पोषण की समस्या अधिक गंभीर होती है, क्योंकि उन्हें निगलने में कठिनाई होती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए अस्पताल ने एंटरल फीडिंग सपोर्ट के तहत विशेष न्यूट्रिशन पैकेज तैयार किए हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार नासोगैस्ट्रिक (एनजी) या पर्क्यूटेनियस एंडोस्कोपिक गैस्ट्रोस्टॉमी (पीईजी) ट्यूब के माध्यम से उच्च प्रोटीन युक्त तरल पोषण दिया जाता है, जिससे मरीज की सेहत को स्थिर रखा जा सके।
बच्चों के कैंसर उपचार में भी पोषण को प्राथमिकता दी जा रही है। कडल्स फाउंडेशन के सहयोग से अस्पताल बच्चों को अंडे, केले, मिल्कशेक जैसे हाई-प्रोटीन आहार, मूंगफली की चिक्की जैसे ऊर्जा युक्त स्नैक्स और जरूरतमंद परिवारों को मासिक राशन किट प्रदान करता है। गंभीर स्थिति में बच्चों को, खासकर आईसीयू में, ट्यूब फीडिंग के जरिए पोषण सहायता भी दी जाती है।
अस्पताल में मौजूद क्लिनिकल डाइटिशियन प्रत्येक मरीज का मूल्यांकन कर उनकी बीमारी, उपचार और पोषण स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत डाइट प्लान तैयार करते हैं। यह समग्र और व्यक्तिगत देखभाल मरीजों के इलाज को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाती है।
बालको मेडिकल सेंटर की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। अस्पताल को FICCI Healthcare Excellence Awards 2025 से सम्मानित किया गया है, जो इसकी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण आधारित देखभाल को दर्शाता है।
मध्य भारत में जहां उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं सीमित हैं, वहां बालको मेडिकल सेंटर का यह प्रयास मरीजों को बेहतर इलाज के साथ-साथ पोषण समर्थन देकर उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
