रायपुर, 04 मई (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर के कचना स्थित हम्मिंग कोट्री आवासीय प्रोजेक्ट के निवासियों के लिए न्याय की एक उम्मीद जगी है। छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रोजेक्ट में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न कराने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। रेरा ने एक लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए बिल्डर को हिदायत दी है कि वह 60 दिनों के अंदर जरूरी सुविधाओं को पूरा करें।
हम्मिंग कोट्री आवासीय प्रोजेक्ट के निवासी अजय अग्रवाल और अतुल अग्रवाल ने रेरा में अपील दायर की थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि तय समय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई। बैडमिंटन कोर्ट, लॉन, क्लब हाउस और सीवरेज सिस्टम में RCC चैंबर जैसी सुविधाएं अधूरी है। इतना ही नहीं स्विमिंग पूल में इनलेट-आउटलेट की व्यवस्था नहीं है। क्लब हाउस में सोलर लगाने का वादा पूरा नहीं किया गया, भवन की दीवारों में सीलन आ रही है।
साथ ही STP के कंट्रोल पैनल को दुरुस्त नहीं किया गया और गार्डन का फव्वारा भी बंद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने इसकी सुनवाई की और रहवासियों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। रेरा ने नियमों के उल्लंघन पर प्रोजेक्ट पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है और प्राधिकृत सुमित डडसेना को आदेश दिया कि 60 दिनों के अंदर प्रोजेक्ट की कमियों को दूर करें। इसी के साथ ही स्पष्ट किया कि अगर समय रहते सभी सुविधाओं को पूरा नहीं किया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
