10 साल में यूपीआई का कमाल, बना दुनिया का नंबर-1 भुगतान मंच – vedantsamachar.in

10 साल में यूपीआई का कमाल, बना दुनिया का नंबर-1 भुगतान मंच

नई दिल्ली 1 मई 2026 । मोबाइल फोन के जरिए तुरंत भुगतान की सुविधा देने वाला UPI अपने 10 साल पूरे कर चुका है और अब दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक की देखरेख में National Payments Corporation of India ने 11 अप्रैल 2016 को इसकी शुरुआत की थी। एक दशक के भीतर ही यह भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की रीढ़ बन गया है और वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में जहां यूपीआई के जरिए केवल 2 करोड़ लेन-देन हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गई। यानी लगभग 12,000 गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में लेन-देन का कुल मूल्य 7 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 4,000 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता है।

संख्या और मूल्य दोनों में हुई यह तेज़ वृद्धि बताती है कि रोजमर्रा के छोटे-बड़े भुगतान में यूपीआई की भूमिका कितनी मजबूत हो चुकी है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई की विश्वसनीयता, व्यापक उपयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है। International Monetary Fund ने इसे लेन-देन की संख्या के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है।

आज यूपीआई को एशिया और यूरोप के कई देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ा जा चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और कारोबारियों के लिए लेन-देन और भी आसान हो गया है।

डिजिटल इंडिया की दिशा में यूपीआई की यह उपलब्धि न केवल तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक सरल और सुलभ प्रणाली ने करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को बदल दिया है।