कुदुरमाल पुल सुधार की कछुआ चाल, वाहन मालिकों पर बढ़ रहा बोझ – vedantsamachar.in

कुदुरमाल पुल सुधार की कछुआ चाल, वाहन मालिकों पर बढ़ रहा बोझ

कोरबा 29 अप्रैल 2026 (वेदांत समाचार) । हसदेव नदी पर कुदुरमाल में बनाए गए सड$क सेतु की जर्जर स्थिति के कारण उस आवागमन रोक दिया गया है। दूसरी ओर जिले में डीजल की किल्लत अपने आप में बड़ी समस्या है। इस चक्कर में अलग-अलग प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन कुदुरमाल होते हुए बिलासपुर, कोरबा और हाटी की तरफ करना मुश्किल हो रहा है। अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी के बीच वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
5 दशक पहले हसदेव नदी पर सड$क पुल का निर्माण कुदुरमाल में लोक निर्माण विभाग के द्वारा कराया गया था। निर्माण संबंधी मापदंडों के अंतर्गत पुल की आयु पूरी हो गई है फिर भी इससे काम चलाया जा रहा है। लंबे समय से इसमें प्रकार की खामियां उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद भी यहां से आवागमन जारी रहा। हालात ऐसे हो गए कि पुल के पूरे हिस्से की सड$क एक तरह से गायब हो गई और वहां गड्ढों का कब्जा हो गया। नीचे की सरिया ऊपर झांकने लगी, इससे हादसे की आशंका को बल मिला। कुछ महीने पहले कलेक्टर की देखरेख में तकनीकी विभागों की टीम ने यहां का निरीक्षण किया और इसके बाद लंबे समय तक के लिए पुल को सुधार की प्रक्रिया में शामिल करते हुए आवागमन रोक दिया गया। तब से अब तक भारी वाहनों का परिचालन बंद है। ऐसी स्थिति में कोयला, सीमेंट और अन्य सामान लेकर अलग-अलग रास्ते की तरफ आवाजाही करने वाले ट्रकों को 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। अनुमान लगाया जाए तो प्रतिदिन लगभग 1000 ट्रक इस अतिरिक्त दूरी को तय कर रहे हैं। यह काम उस दौर में हो रहा है जबकि कोरबा व आसपास में डीजल की उपलब्धता आसान नहीं है। ऐसे में डीजल की एक प्रकार से बर्बादी हो रही है और पेट्रो कंपनियों के साथ-साथ प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी हो रही है। इस पूरी व्यवस्था में वाहन मालिकों को नुकसान तो हो ही रहा है, वाहन चालकों को लंबा फेरा लगाने में तनाव झेलना पड़ रहा है। वाहन संचालक और मालिक चाहते है कि जल्द ही पुल का सुधार हो और यहां से परिवहन से संबंधित बाधाएं दूर हो ताकि कामकाज को आसान किया जा सके।
नई व्यवस्था पर जोर
जिस तरह से कुदुरमाल के पुराने पुल के सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के द्वारा कोशिश की जा रही है, उसके लिए अगली व्यवस्था तक वाहन मालिकों को लंबी प्रतिक्षा करनी पड़ेगी। जबकि पहले ही पुल की आयु पूरी होने की बात की जा रही है। ऐसी स्थिति में क्या गारंटी है कि आगामी वर्षों में फिर कोई बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होगी। इसलिए अब आवश्यकता इस बात की है कि कुदुरमाल में हसदेव पर नए पुल के निर्माण का विकल्प तलाश किया जाए। ऐसा होने पर एक स्थायी समाधान प्राप्त हो सकेगा।