कोरबा, 13 सितम्बर (वेदांत समाचार)। जिले के कटघोरा तहसील के ग्राम बंचर (छुरी कला) निवासी स्वर्गीय पूरन दास महंत (आयु 73 वर्ष) ने अपने जीवन के उपरांत मानवता की सेवा हेतु देहदान कर समाज के लिए अनुकरणीय संदेश छोड़ा है। परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनका देहदान 12 सितम्बर 2025 को स्वर्गीय विसाहू दास स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा (छत्तीसगढ़) में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर दिवंगत के परिजन लक्ष्मीन महंत ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा संत रामपाल जी महाराज के सत्संग से मिली। उन्होंने कहा—
“यह शरीर नश्वर है, किंतु यदि इसका उपयोग समाजहित में किया जाए तो यही योगदान अमर हो जाता है। संत रामपाल जी महाराज ने हमें यह पथ दिखाया है कि सेवा का सबसे बड़ा स्वरूप है मानवता के कल्याण में योगदान देना।”
कार्यक्रम में मौजूद एच.ओ.डी. योगिता कंवर ने भी इस महान पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोगी है, बल्कि समाज में मानवता की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के अभियान को समाज सुधार का श्रेष्ठ मार्ग बताया।
इस अवसर पर संस्था के प्रमुखों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि “भूख से जूझ रहे समाज को अन्न, और शिक्षा व चिकित्सा जगत को ज्ञान एवं साधन उपलब्ध कराना—यही संत रामपाल जी महाराज की सच्ची प्रेरणा है।”
कार्यक्रम में जिला संयोजक अजय कुर्रे, धर्मदास, सुमिरन सिंह, गोरेलाल, गया दास, डॉ. चेतन दास तथा परिजन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और इस प्रेरणादायी कदम को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
इस प्रकार, पूरन दास महंत का देहदान चिकित्सा जगत के लिए अमूल्य धरोहर और समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सदैव याद किया जाएगा।



