Raipur Crime : गैस चोरी मामले में नया मोड़, आरोपियों ने ही दर्ज कराई 52 टन गैस चोरी की शिकायत, जांच आईजी स्तर तक पहुंची… – vedantsamachar.in

Raipur Crime : गैस चोरी मामले में नया मोड़, आरोपियों ने ही दर्ज कराई 52 टन गैस चोरी की शिकायत, जांच आईजी स्तर तक पहुंची…

रायपुर, 27 अप्रैल (वेदांत समाचार)। महासमुंद जिले के सिंघोडा थाना क्षेत्र में गैस चोरी के मामले ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस पक्ष पर टैंकरों से गैस चोरी कराने के आरोप हैं, उसी ने अब 52 टन गैस चोरी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। मामला गंभीर होते हुए रायपुर पुलिस आईजी तक पहुंच गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, टैंकर मालिक के. सुब्रह्मण्यम ने थाना सिंघोडा में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि उनके टैंकरों से करीब 52 टन गैस चोरी हो गई। जबकि पुलिस रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करता है। दिसंबर 2025 में इंडियन ऑयल कंपनी के छह टैंकरों से गैस निकालकर उसे अवैध रूप से 80 कमर्शियल और 56 घरेलू सिलिंडरों में भरा जा रहा था, जिसकी सूचना मिलने पर संबंधित विभाग ने छापेमारी की थी।

छापेमारी के दौरान मौके पर टैंकरों से सिलिंडरों में गैस भरने का काम जारी था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान चालक वाल्व खोलकर वाहन और दस्तावेज लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से छह टैंकर और बड़ी संख्या में सिलिंडर जब्त किए थे। तीन महीने तक किसी भी पक्ष द्वारा दावा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने गैस के रिसाव और संभावित खतरे को देखते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा।

इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी की मौजूदगी में जब्त टैंकरों को रायपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान पंचनामा की प्रक्रिया भी पूरी की गई। हालांकि, आरोप है कि टैंकरों को बिना तौले ही सुपुर्द कर दिया गया, जिससे अब गैस की वास्तविक मात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

मामले में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब भूपेंद्र साहू नामक व्यक्ति न्यायालय का आदेश लेकर वाहन लेने पहुंचा, लेकिन गैस की वास्तविक स्थिति का पता चलने पर वापस लौट गया। इसके दो दिन बाद वाहन स्वामी बिना जरूरी दस्तावेज के प्लांट में प्रवेश करने का प्रयास करता मिला, जिसे चौकीदार ने रोक दिया। इसके बाद ही टैंकर मालिक के. सुब्रह्मण्यम ने गैस चोरी की शिकायत दर्ज कराई।

अब पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि मामले में दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।