रायपुर,14अगस्त (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार ने शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2017 लागू कर दिया है, जिसके साथ ही 1958 का पुराना कानून खत्म हो गया है। अब 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी रखने वाले सभी संस्थानों को लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर (LIN) लेना होगा। पहले गुमास्ता नगर निगम से जारी होता था, लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन होगी।
नए कानून में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए गए हैं—
एक दिन में अधिकतम 9 घंटे काम, 1 घंटे का लंच ब्रेक अनिवार्य
सप्ताह में 1 दिन अवकाश
सप्ताह में अधिकतम 12 घंटे ओवरटाइम, 3 महीने में 125 घंटे की सीमा
ओवरटाइम और छुट्टी के दिन काम कराने पर डबल पेमेंट
पंजीकरण के बाद LIN नंबर को साइनबोर्ड पर GST नंबर की तरह प्रदर्शित करना अनिवार्य है। खास बात यह है कि अब दुकान या प्रतिष्ठान हफ्ते के 7 दिन 24 घंटे खुल सकते हैं, लेकिन कर्मचारियों से तय समय से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकेगा।
कहां लागू नहीं होगा:
वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम, नशामुक्ति केंद्र, अस्पताल और क्लीनिक जैसे संस्थानों को इस एक्ट से छूट दी गई है।
लेट फीस का प्रावधान:
13 अगस्त 2025 के बाद पंजीकरण कराने पर तय शुल्क के साथ 25% लेट फीस देनी होगी।
शुल्क संरचना:
10–50 कर्मचारी: ₹1,000
51–100 कर्मचारी: ₹3,000
101–200 कर्मचारी: ₹5,000
201–500 कर्मचारी: ₹7,000
500 से अधिक कर्मचारी: ₹10,000
