जांजगीर-चांपा: खरीफ सीजन से पहले तैयारियां तेज, कलेक्टर ने कृषि से जुड़े विभागों की ली समीक्षा बैठक – vedantsamachar.in

जांजगीर-चांपा: खरीफ सीजन से पहले तैयारियां तेज, कलेक्टर ने कृषि से जुड़े विभागों की ली समीक्षा बैठक

जांजगीर चांपा, 22 अप्रैल (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य सहित संबंधित विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही खाद और बीज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, नियमित जांच करने और अमानक सामग्री की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में कलेक्टर ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को कम पानी में होने वाली और अधिक लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फॉर्मर आईडी बनाने, एग्रीस्टेक में पंजीयन कराने और किसानों की ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा, ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने फल, सब्जी और बागवानी फसलों के रकबे में वृद्धि करने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, पॉलीहाउस और शेडनेट जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण देने और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

पशुधन विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। इसके अलावा सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके।

मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मछली उत्पादन बढ़ाने, तालाबों के अधिकतम उपयोग और मत्स्य बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन को बढ़ावा देने, मत्स्य पालकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।