Vedant Samachar

दोस्ती की कोई उम्र नहीं होती; आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर ने रचा बेमिसाल उदाहरण…

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इंदौर, 4 अगस्त, 2025: कहते हैं कि दोस्ती कोई रिश्ता नहीं, बल्कि एक एहसास होती है, जो न जन्म देखती है, न जात, न समय, न उम्र। दोस्ती की कहाँ कोई उम्र होती है और दोस्ती कहाँ उम्र देखती है, यही भाव लेकर विश्व फ्रेंडशिप दिवस के अवसर पर आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर ने एक अनूठे आयोजन के माध्यम से यह दिखा दिया कि दोस्ती का रंग सबसे गहरा होता है। दरअसल, आनंदम के द्वारा सेंचुरियन गेट टुगेदर नाम की एक विशेष सामूहिक यात्रा का सफल आयोजन किया गया।

इस यात्रा में शामिल हुए लगभग 129 वरिष्ठ नागरिकों ने उम्र की सीमाओं से परे जाकर दोस्ती, उल्लास और सांस्कृतिक सरोकारों का ऐसा बेशकीमती जश्न मनाया, जिसे शब्दों में बाँधना मुश्किल है। यह सजीव अनुभव इंदौर से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित रस लेक व्यू रिज़ॉर्ट में सम्पन्न हुआ, जहाँ सुबह आनंदम सेंटर से तीन बसों में सवार होकर वरिष्ठजन रवाना हुए। पूरे सफर के दौरान गीत-संगीत और हास्य के साथ जो ऊर्जा बसों में महसूस हुई, उसने बता दिया कि बढ़ती उम्र सिर्फ एक संख्या है।

रिज़ॉर्ट में पहुँचने के बाद शुरू हुआ गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला, जिसमें संस्था के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत गीत, कविताएँ, जोक्स और नृत्य ने समाँ बाँध दिया। कार्यक्रम में तंबोला और मालवा के पारंपरिक व्यंजनों ने आनंद को पूर्णता दी। इस आयोजन की सफलता में आनंदम के उदार हृदया ट्रस्टी हरमिंदर सिंह भाटिया, श्रीमती गुरबीन कौर, आनंदम के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, सचिव एस बी खंडेलवाल, लाजपत चोपड़ा और अनिल भट्ट एवं अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर के सभी सदस्यों ने एक मत होकर खुले दिल से इस पहल की सराहना की और इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि जीवन के हर पड़ाव में दोस्ती का स्थान सबसे ऊपर होता है और सचमुच, दोस्ती की कोई उम्र नहीं होती।

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