जम्मू-कश्मीर सीआईडी की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) शाखा ने शनिवार को घाटी के सात जिलों में आठ स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकवाद से संबंधित एक चल रही जांच के तहत की गई, जिसमें श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, कुपवाड़ा, हंडवाड़ा, पुलवामा और शोपियां शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी सक्षम अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के तहत की गई। जांच का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जिनका कथित तौर पर कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों से संबंध है।
छापेमारी के दौरान बरामदगी
छापेमारी में फोरेंसिक जांच के लिए कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है। इन छापेमारी अभियानों में स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ की सहायता भी ली गई।
ड्रग्स और हवाला मनी पर नजर
सुरक्षा बलों का ध्यान केवल आतंकवादियों पर ही नहीं, बल्कि ड्रग्स तस्करी और हवाला मनी रैकेट पर भी है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ड्रग्स से और हवाला रैकेट से इकट्ठा की गई रकम आतंकवादियों की फंडिंग के लिए इस्तेमाल होती है। इस रणनीति का मकसद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम खत्म करना है।
आतंकवाद और आपराधिक नेटवर्क की जांच
इंटेलिजेंस एजेंसियों ने एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पार से ड्रग्स और फंडिंग नेटवर्क की जड़ें भी पता लगा ली हैं। जम्मू-कश्मीर सीआईडी नियमित आपराधिक जांच, पासपोर्ट सत्यापन और रोज़ाना की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती है।
विशेष विंग और हाई-प्रोफाइल मामले
सीआईडी का CIK विंग कश्मीर और जम्मू में काम करता है, जबकि हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच के लिए स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) भी सक्रिय है। संयुक्त सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आतंकवाद और अवैध वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में अहम कदम है।



