कोरबा, 17 अप्रैल (वेदांत समाचार)। बैशाख माह का एक पखवाड़ा बीतते ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने शहरी क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। इस भीषण गर्मी के बीच शहर के डीएसपीएम बस स्टैंड में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ नजर आ रहा है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
नए बस स्टैंड में यात्रियों के लिए पर्याप्त छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में लोग खुले में खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। तपती गर्मी में घंटों इंतजार करना यात्रियों के लिए बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है।
इस समय अक्षय तृतीया के अवसर पर विवाह का सीजन होने के कारण यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। साथ ही विभिन्न निजी और पारिवारिक कारणों से लोग बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों की ओर यात्रा कर रहे हैं। इसका सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर देखा जा रहा है, जहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कोरबा से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार और ओडिशा के लिए चलने वाली बसों में जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है। सामान्य बसों के साथ ही अंतरराज्यीय बसों में भी यात्रियों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है, जिससे सफर करना जोखिम भरा हो गया है।
यात्रियों का कहना है कि जरूरी कामों के चलते यात्रा करना उनकी मजबूरी है, लेकिन इस अव्यवस्था के बीच सफर करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड में मूलभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
वहीं, रात के समय बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय असामाजिक तत्वों और नशाखोरों का अड्डा बन जाता है। इससे यात्रियों, खासकर महिलाओं और परिवार के साथ यात्रा करने वालों को असुरक्षा का माहौल झेलना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अव्यवस्था पर न तो परिवहन विभाग की नजर पड़ रही है और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक यात्री इस तरह की परेशानियों का सामना करने को मजबूर रहेंगे।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और भीड़ नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत मिल सके।
