रायगढ़,31जुलाई(वेदांत समाचार) : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में राशन सामाग्री हेराफेरी का मामला सामने आया है। जिसमें सरकारी राशन दुकान चलाने वाली स्व सहायता समूह की अध्यक्ष व सचिव ने गड़बड़ी की। हितग्राहियों को बांटे जाने वाला चावल, शक्कर व नमक फिंगर प्रिंट लगावकर 3 माह का राशन नहीं दिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराया गया है। घटना धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है।
खाद्य निरीक्षक सुधारानी चौहान ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि रामेश्वरी स्व सहायता समूह शाहपुर के अध्यक्ष व विक्रेता रामेश्वरी कवंर और सचिव उमा बाई शासकीय उचित मूल्य की दुकान खड़गांव का संचालन करती हैं। इन्होंने हितग्राहियों को जनवरी, फरवरी और मार्च में ई-पोस मशीन में फिंगर लगवा लिया। इसके बाद हितग्राहियों को राशन सामाग्री नहीं दी गई।
इसकी शिकायत खाद्य विभाग में होने पर राशन दुकान का भौतिक सत्यापन किया गया। तब पता चला कि फरवरी में 250 राशनकार्डधारी और मार्च 2025 में 480 राशनकार्ड हितग्राहियों को राशन वितरण नहीं किया गया है।
जांच करने पर चावल 243.05 क्विंटल, शक्कर 5.76 क्विंटल. नमक 11.38 क्विंटल और चना 31.48 क्विंटल मूल्य 11 लाख 93 हजार 533 रुपए की गड़बड़ी की गई। राशन दुकान की जांच में हितग्राहियों के बयान लिए गए। तब फुलकुवंर, पदमा, लक्ष्मीबाई, बधाई, चरण कुवंर, रमला, बालमोती, परमीला, खुलासो बाई, रमला राठिया, समेत अन्य हितग्राहियों ने माह फरवरी और मार्च में खाद्यान्न प्राप्त नहीं होना बताया।
जबकि संचालिका द्वारा ई-पोस मशीन में फिंगर करवाया गया है। पूछताछ में संचालिका ने चार माह में मात्र 2 पैकेट चना वितरण किया जाना बताया। बताया जा रहा है कि इसके लिए स्व सहायता समूह के संचालको को नोटिस भी जारी किया गया। जिसमें 3 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। कोटवार द्वारा रामेश्वरी कवंर के निवास पे नोटिस भी चस्पा किया गया।
14 मई को डाक के माध्यम से अध्यक्ष रामेश्वरी कवंर व सचिव उमा बाई रामेश्वरी का जवाब प्राप्त हुआ। जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया। जिसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए मामले को विवेचना में लिया है।



