कोरबा,19अप्रैल (वेदांत समाचार)। कोरबा में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की संयुक्त कार्रवाई में कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला (47), निवासी नंदबाग रूमगरा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने इंदिरा आवास योजना के तहत गरीबों के आवास के लिए आई करीब 79 लाख रुपए की राशि अपने और परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर गबन किया था। जांच में सामने आया कि गौरव शुक्ला बैंक ऑफ इंडिया, शाखा कोरबा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। उसने बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग कर उन हितग्राहियों के खाते सक्रिय कराए जो 2010-11 में आई राशि के समय से बंद पड़े थे। इसके बाद उसने हितग्राहियों के आधार कार्ड को अपने, पिता, माता, पत्नी और पुत्र के आधार नंबरों से सीड किया।
आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर वह सीधे उन खातों से राशि अपने खातों में स्थानांतरित करता रहा। आरोपी ने 2017 में फाइनेंसियल सॉफ्टवेयर सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया। उस समय सिस्टम में आधार लिंकिंग सत्यापन अनिवार्य नहीं था और ऑटो लॉगआउट का फीचर भी नहीं था। बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट के रूप में लंबे अनुभव का सहारा लेकर उसने कर्मियों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए बंद डोर्मेंट खातों को एक्टिव किया। जांच में यह भी पता चला कि आधार सीडिंग का काम 10 अलग-अलग स्टाफ यूजर आईडी के माध्यम से 620 प्रविष्टियों में किया गया। इनमें से अधिकांश प्रविष्टियां बिना भौतिक आधार दस्तावेज के सत्यापन के ही दर्ज की गई थीं। कुछ प्रविष्टियां फाइनेंसियल सिस्टम और कियोस्क ऑपरेटर आईडी से भी की गई थीं। आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120(इ), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) और 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू-एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
