जांजगीर-चांपा में स्वास्थ्य सेवाओं की कलेक्टर ने की मैराथन समीक्षा, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने विशेष कार्ययोजना पर जोर - vedantsamachar.in

जांजगीर-चांपा में स्वास्थ्य सेवाओं की कलेक्टर ने की मैराथन समीक्षा, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने विशेष कार्ययोजना पर जोर

जांजगीर-चांपा, 8 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिला स्वास्थ्य समिति की मैराथन बैठक ली। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और जिले के स्वास्थ्य संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए तैयार विशेष कार्ययोजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) और एनीमिक गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनकी नियमित निगरानी, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं और मातृ मृत्यु के मामलों में कमी लाई जा सकती है।

बैठक में संस्थागत प्रसव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिले में संस्थागत प्रसव में कमी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श देकर शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों, जांच सुविधाओं और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। संभावित प्रसव वाली महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में पहले से आवश्यक तैयारियां और स्टाफ की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 108, 102 और स्थानीय एम्बुलेंस सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रसव के बाद माताओं और नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं नियमित निगरानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मितानिनों को प्रत्येक पंजीकृत गर्भवती महिला का नियमित गृह भ्रमण कर स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने और आवश्यक जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए कहा गया।

मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों से मृत्यु के कारणों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जननी पोर्टल पर सभी आवश्यक जानकारी की नियमित और समयबद्ध एंट्री कराने के निर्देश दिए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की बात भी कही गई।

बैठक में 1 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 88 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर कलेक्टर ने अमले की सराहना की। उन्होंने 15 अगस्त तक जिले की शेष सभी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा करने के निर्देश दिए। जिले में कुल 11,380 बालिकाओं के शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।

कलेक्टर ने आरबीसी 6-4 प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के लिए विकसित ऑनलाइन पोर्टल की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब नागरिक स्वयं ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट अभिमत दर्ज किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का समय पर निराकरण हो सके।

बैठक में टीबी जांच, एसएनसीयू, एनबीएसयू और एनआरसी के संचालन की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा मौसमी बीमारियों एवं मलेरिया की रोकथाम, लेप्रोसी सर्वे, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) सेवाएं, आयुष्मान भारत योजना और वय वंदना कार्ड निर्माण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई।

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पोर्टल एंट्री में तेजी लाने, स्वास्थ्य संस्थाओं में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, बजट का नियमानुसार समय पर उपयोग करने और हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने और जमीनी स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्कर्ष तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. जागृति सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न नोडल अधिकारी, जिला प्रबंधक और विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।