बलौदाबाजार में सरकारी कार्यालयों में शुरू हुई प्रीपेड बिजली व्यवस्था, आयुष और परिवहन विभाग ने कराया पहला रिचार्ज - vedantsamachar.in

बलौदाबाजार में सरकारी कार्यालयों में शुरू हुई प्रीपेड बिजली व्यवस्था, आयुष और परिवहन विभाग ने कराया पहला रिचार्ज

  • स्मार्ट मीटर और डिजिटल भुगतान प्रणाली से बिजली खपत की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और ऊर्जा संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

बलौदाबाजार, 07 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले में विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। राज्य शासन के निर्देशानुसार शासकीय कार्यालयों में डिजिटल प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने और प्रीपेड बिजली भुगतान प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था की शुरुआत आयुष विभाग अंतर्गत शासकीय आयुर्वेद अस्पताल कसडोल और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा अपने बिजली खातों का अग्रिम रिचार्ज कराकर की गई।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के अधिकारियों ने जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग व्यवस्था के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेज कर दिया है। इस प्रणाली के तहत अब सरकारी विभागों को बिजली उपयोग से पहले अपने कनेक्शन में राशि का रिचार्ज कराना होगा।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देशानुसार प्रीपेड रिचार्ज की प्रक्रिया तिमाही आधार पर निर्धारित की गई है। प्रत्येक विभाग को अपने सभी विद्युत कनेक्शनों को केंद्रीयकृत, जिला स्तर या डीडीओ वार प्रीपेड प्रणाली में संचालित करने का निर्णय लेना होगा।

प्रीपेड बिजली व्यवस्था से संबंधित रिचार्ज और खपत की जानकारी उपभोक्ता मोर बिजली एप और सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। वहीं रिचार्ज राशि समाप्त होने के करीब पहुंचने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से रिचार्ज के लिए सूचना भेजी जाएगी। इस नई व्यवस्था से सरकारी विभागों को बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। बिजली की खपत की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे बजट प्रबंधन आसान होगा। साथ ही समय पर बिल भुगतान, लंबित बिलों और कागजी प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों में भी कमी आएगी।

अधिकारियों ने बताया कि प्रीपेड व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन और सरल प्रक्रिया पर आधारित है। इससे बिजली उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

आयुष विभाग और परिवहन विभाग की इस पहल से जिले के अन्य सरकारी विभागों और आम उपभोक्ताओं को भी डिजिटल प्रीपेड बिजली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। बिजली विभाग का मानना है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।