धमतरी, 03 जुलाई (वेदांत समाचार )। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बाढ़ और तेज जलप्रवाह के बीच लापता लोगों की तलाश में एक और शव बरामद किया गया है। साहनीखार एनीकट के पास मिले शव की पहचान गुलाब पहरिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुलाब पहरिया करीब एक सप्ताह पहले दोस्तों के साथ मछली पकड़ने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया था। घटना के बाद से ही पुलिस और आपदा राहत टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। जानकारी के अनुसार, जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और एनीकट का जलस्तर बढ़ गया था। इसी दौरान कई स्थानों पर तेज बहाव के कारण लोगों के बहने की घटनाएं सामने आईं। घोटगांव निवासी धनंजय तेता और गुलाब पहरिया मछली पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर एनीकट पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और दोनों तेज बहाव में बह गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन अभियान शुरू किया। कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पहले धनंजय तेता का शव बरामद किया गया। इसके बाद अब साहनीखार एनीकट के पास गुलाब पहरिया का शव मिला है। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की। बाढ़ में लापता हुए तीन लोगों में से अब तक दो लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। वहीं एक अन्य व्यक्ति और एक स्कूली छात्र की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन और आपदा राहत टीम लगातार संभावित स्थानों पर खोज अभियान चला रही है। इधर, सिरसिदा गांव का रहने वाला चौथी कक्षा का छात्र भी पिछले पांच दिनों से लापता है। बताया जा रहा है कि बच्चा खेलने के लिए घर से बाहर निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस को आशंका है कि बारिश के कारण उफनते नदी-नालों में बढ़े जलस्तर की वजह से छात्र किसी हादसे का शिकार हो सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हर संभावित स्थान पर तलाश कर रही है और ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। नदी-नालों में पानी का स्तर कुछ कम होने के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने तलाशी अभियान और तेज कर दिया है। एसडीआरएफ की टीम गोताखोरों की मदद से पानी वाले क्षेत्रों में खोजबीन कर रही है। ्रशासन की ओर से भी स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षा का ध्यान रखें। बारिश के मौसम में एनीकट, नदी और नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है। बावजूद इसके कई बार लोग मछली पकड़ने या अन्य कामों के लिए जल स्रोतों के पास पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

