Korba Crime: दो साल पुराने चर्चित विकास अग्रवाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी वैभव भारती गिरफ्तार, दोनों इनामी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में - vedantsamachar.in

Korba Crime: दो साल पुराने चर्चित विकास अग्रवाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी वैभव भारती गिरफ्तार, दोनों इनामी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में

कोरबा, 01 अगस्त (वेदांत समाचार)। लगभग दो वर्ष पुराने चर्चित विकास अग्रवाल हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी वैभव भारती को उरगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक दिन पहले सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी दबोच लिया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत गंभीर एवं लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना उरगा पुलिस ने अपराध क्रमांक 248/2024 के मुख्य आरोपी वैभव भारती को 1 अगस्त 2026 को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विकास अग्रवाल और आरोपी वैभव भारती के बीच लंबे समय से विवाद और आपसी रंजिश थी। आरोपी को संदेह था कि विकास अग्रवाल उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर विकास अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के अनुसार 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले विकास अग्रवाल को अत्यधिक शराब पिलाई। इसके बाद दुकान से चूहे मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिलाई गई और डिस्पोजेबल गिलास के माध्यम से उसे पिला दिया गया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

घटना के बाद दोनों आरोपी लगातार फरार थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस अधीक्षक ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उरगा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली सूचना और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर पहले 31 जुलाई 2026 को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को गिरफ्तार किया। इसके बाद मिली अहम जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी वैभव भारती को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी भी पुलिस को दी है।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही करीब दो साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोरबा पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच, वैज्ञानिक विवेचना, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के चलते फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। यह कार्रवाई गंभीर अपराधों के खिलाफ पुलिस की सतत और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है।