- कोरबा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, उरगा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अंतर-जिला समन्वय से आरोपी को पकड़ा
कोरबा, 31 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले की उरगा थाना पुलिस ने हत्या के मामले में करीब दो वर्ष से फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र मसीह को कोंडागांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर शादी समारोह के दौरान साजिश रचकर शराब में जहरीली दवा मिलाकर हत्या करने का आरोप है। कोंडागांव पुलिस के विशेष सहयोग और समन्वय से यह कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत गंभीर और लंबित अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई। पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में उरगा पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मामला थाना उरगा में दर्ज अपराध क्रमांक 248/2024 से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान मृतक विकास अग्रवाल की हत्या की साजिश रची गई थी। आरोप है कि मृतक को पहले अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई और बाद में शराब में चूहा मारने की जहरीली दवा मिलाकर डिस्पोजेबल गिलास के माध्यम से पिला दी गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी विवाद के चलते वैभव भारती ने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। जहरीली शराब पीने के बाद विकास अग्रवाल की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद मामले में हत्या और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की थी। घटना के बाद आरोपी जितेंद्र मसीह लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
उरगा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और संभावित ठिकानों की निगरानी के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी। सूचना मिलने पर कोंडागांव पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोंडागांव से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोरबा लाकर पूछताछ की गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कोरबा पुलिस ने बताया कि गंभीर और लंबित अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई से लंबे समय से लंबित हत्या के मामले में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

