बेमेतरा, 29 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की 10 वर्षीय बाल गायिका अरुणिमा शर्मा ‘आद्या’ ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और मधुर गायन से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। महज 10 वर्ष 7 माह की आयु में आद्या का नाम India Book of Records 2026 में दर्ज किया गया है। उन्हें उत्कृष्ट गायन उपलब्धियों के लिए “IBR Achiever” सम्मान से नवाजा गया है।
09 नवंबर 2015 को जन्मी आद्या ने कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय गायन प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 प्रमाण पत्र और 1 ट्रॉफी जीतने की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में संगीता कला अकादमी, रायपुर द्वारा आयोजित नटरंग महोत्सव में प्रथम पुरस्कार तथा बस्तर आइडल प्रतियोगिता में द्वितीय उपविजेता का खिताब शामिल है।
आद्या केवल गायन तक ही सीमित नहीं हैं। वह चार भाषाओं में गायन और वादन की कला में दक्ष हैं तथा शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा भी प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने वोकल संगीत में प्रथमा (प्रथम) परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी संगीत साधना का परिचय दिया है।
राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी आद्या ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने राजनांदगांव मड़ई, YB Champ-6, हर घर टैलेंट सीजन-2, द सिंगिंग आइकन सीजन-2 और Phytositaare जैसे मंचों के फाइनल राउंड तक अपनी जगह बनाई है। वहीं YB Champ-6 में फर्स्ट रनर-अप का खिताब भी अपने नाम किया है। उनकी कुछ प्रतियोगिताओं के परिणाम अभी जारी होने बाकी हैं।
आद्या के छत्तीसगढ़ी लोकगीत, हारमोनियम वादन और शास्त्रीय संगीत के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं। उनकी गायकी को प्रदेश के शीर्ष जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सार्वजनिक मंच से उनके लाइव गायन और वादन की प्रशंसा करते हुए उन्हें “नन्ही स्वर कोकिला” कहकर आशीर्वाद दिया।
आद्या ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों से लेकर देशभक्ति गीतों और सुगम संगीत तक हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी प्रस्तुतियों और साक्षात्कारों का प्रसारण आकाशवाणी रायपुर सहित विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों और प्रतिष्ठित मंचों पर भी हो चुका है।
आद्या का कहना है कि उनका सबसे बड़ा सपना स्वर कोकिला लता मंगेशकर की तरह देश के लिए गाना और भारत का नाम दुनिया भर में रोशन करना है। उनके गुरु और परिजनों के अनुसार आद्या प्रतिदिन करीब दो घंटे नियमित रियाज़ करती हैं और संगीत के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
आद्या की इस उपलब्धि से बेमेतरा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों, संगीत प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उनकी इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

