72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘पुष्पा 2’ का जलवा, सुकुमार बने सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक, दीपाली नूर-शीतल शर्मा को मिला कॉस्ट्यूम डिजाइन का सम्मान - vedantsamachar.in

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘पुष्पा 2’ का जलवा, सुकुमार बने सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक, दीपाली नूर-शीतल शर्मा को मिला कॉस्ट्यूम डिजाइन का सम्मान

मुंबई। अल्लू अर्जुन अभिनीत सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ का शानदार सफर 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी जारी रहा। भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में शामिल इस फिल्म ने दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान अपने नाम किए हैं। फिल्म के निर्देशक सुकुमार को सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक (बेस्ट स्क्रीनप्ले राइटर) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जबकि दीपाली नूर और शीतल शर्मा को सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइनर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

फिल्म के निर्माता माइथ्री मूवी मेकर्स ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया पर विजेताओं को बधाई दी। निर्माताओं ने अपने संदेश में कहा कि फिल्म के पहले लुक से ही इसके कॉस्ट्यूम दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गए थे और यह सम्मान पूरी तरह से उनके उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है। वहीं सुकुमार को बधाई देते हुए लिखा गया कि उनकी रचनात्मक सोच और कहानी कहने की अद्भुत क्षमता ने भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रचा है।

बॉक्स ऑफिस पर भी बनाया था रिकॉर्ड

5 दिसंबर 2024 को रिलीज हुई ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने रिलीज के साथ ही देश-विदेश के बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड कायम किए। फिल्म ने हिंदी संस्करण में लगभग 800 करोड़ रुपये और दुनियाभर में करीब 1,800 करोड़ रुपये का कारोबार किया। यह अपने समय की सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल रही और इसकी लोकप्रियता लंबे समय तक बरकरार रही।

दमदार स्टारकास्ट और संगीत ने भी जीता दिल

सुकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहाद फासिल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स ने किया है, जबकि संगीत टी-सीरीज के बैनर तले प्रस्तुत किया गया। सिनेमाघरों में शानदार सफलता के बाद यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी स्ट्रीम हो रही है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मिली इस दोहरी सफलता के साथ ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ व्यावसायिक रूप से ही नहीं, बल्कि रचनात्मक उत्कृष्टता के मामले में भी भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शुमार है।