कोरबा, 8 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कायाकल्प कार्यक्रम के तहत राज्य एवं संभाग स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने कोरबा जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया।
राज्य एवं संभाग स्तरीय मूल्यांकन टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा, पाली, पोड़ी उपरोड़ा, करतला तथा रानी धनराज कुंवर देवी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। टीम में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर डॉ. गायत्री बॉंधी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेणुका सामुएल, एसपीएम रायपुर डॉ. प्रदीप टंडन, संभागीय क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. ऋषिकेश रात्रे तथा हॉस्पिटल कंसल्टेंट डॉ. देवेंद्र गुर्जर शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ टीम ने अस्पतालों के ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, एक्स-रे कक्ष, दवा वितरण केंद्र, स्टोर, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और अन्य विभागों का निरीक्षण कर निर्धारित कायाकल्प मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण प्रणाली तथा संधारित अभिलेखों की भी विस्तार से जांच की गई।
टीम ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से भी सीधे बातचीत कर उपचार की गुणवत्ता, चिकित्सकीय सुविधाओं और अस्पताल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन के संबंध में फीडबैक लिया। मरीजों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस एन केसरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ टीम ने विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। टीम ने अस्पतालों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए गुणवत्ता में और सुधार लाने तथा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कायाकल्प योजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण में उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कायाकल्प योजना का प्रमुख उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्ता और संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानकों को स्थापित करना है। नियमित मूल्यांकन से अस्पतालों की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार होता है और मरीजों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

