बरपाली तहसील कार्यालय में बड़ी कार्रवाई: लापरवाही पर सहायक ग्रेड-03 घनश्याम सिंह कंवर निलंबित, समय पर नकल नहीं देने पर कलेक्टर का सख्त एक्शन - vedantsamachar.in

बरपाली तहसील कार्यालय में बड़ी कार्रवाई: लापरवाही पर सहायक ग्रेड-03 घनश्याम सिंह कंवर निलंबित, समय पर नकल नहीं देने पर कलेक्टर का सख्त एक्शन

कोरबा, 8 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। कोरबा जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय बरपाली की नकल शाखा में गंभीर अनियमितता और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सहायक ग्रेड-03 एवं नकल शाखा प्रभारी लिपिक घनश्याम सिंह कंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा आम नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय बरपाली का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नकल शाखा प्रभारी लिपिक घनश्याम सिंह कंवर द्वारा पक्षकारों को निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रकरणों की नकल उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। साथ ही नकल शाखा के कार्यों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निष्पादन नहीं किया जा रहा था, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।

कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा एवं तहसीलदार बरपाली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी कर्मचारी की कार्यशैली को लापरवाहीपूर्ण बताया गया। प्रतिवेदन के आधार पर यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन पाया गया।

इसके बाद कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए घनश्याम सिंह कंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय करतला, जिला कोरबा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।