ऑपरेशन साइबर शील्ड: फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले दो POS एजेंट गिरफ्तार, KBC और अश्लील वीडियो वायरल के नाम पर कराते थे साइबर ठगी - vedantsamachar.in

ऑपरेशन साइबर शील्ड: फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले दो POS एजेंट गिरफ्तार, KBC और अश्लील वीडियो वायरल के नाम पर कराते थे साइबर ठगी

रायपुर, 07 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले दो POS एजेंटों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक मध्यप्रदेश के छतरपुर और दूसरा छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा जारी किए गए फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में इनाम जीतने का झांसा देकर साइबर ठगी करने जैसे अपराधों में किया गया था।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान दोनों मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

पुलिस के अनुसार पहला मामला गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित तेजराम पाठक से फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए उनका वीडियो मॉर्फ कर अश्लील वीडियो तैयार किया गया। इसके बाद वीडियो को यूट्यूब पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने करीब 7.90 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में थाना इंदागांव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।

दूसरा मामला रायपुर रेंज साइबर थाने का है, जिसमें प्रमोद कुमार त्रिपाठी को कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में इनाम जीतने का झांसा दिया गया। ठगों ने टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम जमा कराने का झांसा देकर धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित मोबाइल सिम और सोशल मीडिया आईडी की जानकारी सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त की। तकनीकी विश्लेषण, साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दो मोबाइल दुकान संचालकों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश प्रजापति (23 वर्ष) निवासी मनकारी, जिला छतरपुर (मध्यप्रदेश), संचालक प्रजापति टेलीकॉम तथा मनोज देवांगन (29 वर्ष) निवासी प्रकाशपुर चिचोला, जिला खैरागढ़ (छत्तीसगढ़), संचालक मनोज मोबाइल, मुढ़ीपार के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नया सिम लेने या सिम पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे। कई मामलों में आधार कार्ड की कॉपी का उपयोग कर डी-केवाईसी के माध्यम से फर्जी सिम जारी किए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को अधिक कीमत पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।

रायपुर रेंज पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति की वीडियो कॉल रिसीव न करें और किसी के बहकावे में आकर आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल न हों। यदि कोई वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो घबराकर भुगतान न करें, बल्कि चैट, कॉल रिकॉर्ड और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दें।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कौन बनेगा करोड़पति, लॉटरी, लकी ड्रा या अन्य किसी इनाम योजना के नाम पर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या जीएसटी जमा कराने की मांग पूरी तरह फर्जी होती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का भुगतान न करें और अपने बैंक खाते, OTP, UPI PIN, ATM कार्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

रायपुर रेंज पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर देने की अपील की है।