छत्तीसगढ़ में बिना बिजली बंद किए बिछाई गई 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन, हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक से CSPTCL ने रचा नया कीर्तिमान - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ में बिना बिजली बंद किए बिछाई गई 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन, हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक से CSPTCL ने रचा नया कीर्तिमान

रायपुर, 06 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने आधुनिक हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक का उपयोग करते हुए बिना बिजली आपूर्ति बाधित किए 400 केवी डीसीडीएस ट्रांसमिशन लाइन का महत्वपूर्ण निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह कार्य 765/400 केवी बिलासपुर पूल (पावरग्रिड, सीपत) सब-स्टेशन से 400/220 केवी धरदेही (जिला मुंगेली) सब-स्टेशन तक निर्माणाधीन ट्रांसमिशन लाइन पर किया गया। इस उपलब्धि को राज्य के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए बड़ी तकनीकी सफलता माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बिना बिजली आपूर्ति प्रभावित किए परियोजनाओं को समय पर पूरा करना कंपनी की तकनीकी दक्षता, कार्यकुशलता और नवाचार की सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा।

ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि नई 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के दौरान इसे पहले से संचालित कई उच्चदाब बिजली लाइनों और एक रेलवे ट्रैक के ऊपर से ले जाना था। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे कार्यों के लिए संबंधित बिजली लाइनों का शटडाउन लेना आवश्यक होता है, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। हालांकि इस परियोजना में मेसर्स एसीबीआईएल (ACBIL), केपीएल (KPL) और एस्सार प्राइवेट लिमिटेड (ESSAR Pvt. Ltd.) की बिजली लाइनों पर शटडाउन की अनुमति नहीं मिल सकी।

उन्होंने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए कंपनी ने हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक अपनाई। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से चालू उच्चदाब बिजली लाइनों को बंद किए बिना पूरी सुरक्षा के साथ नई ट्रांसमिशन लाइन का तार खींचा जाता है। इससे बिजली उपभोक्ताओं की आपूर्ति बाधित नहीं होती और परियोजना का निर्माण कार्य भी तय समय सीमा में पूरा किया जा सकता है।

राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार, 2 जून से 27 जून 2026 के बीच इस तकनीक का उपयोग करते हुए तीन प्रमुख ओवरहेड पावर लाइन क्रॉसिंग को सफलतापूर्वक पार किया गया। इनमें 400 केवी पथाडी–बिलासपुर-1 एवं 2 लाइन, 400 केवी एसीबीआईएल–बिलासपुर-1 एवं 2 लाइन तथा 400 केवी एस्सार महान–बिलासपुर-1 एवं 2 लाइन की क्रॉसिंग शामिल है। इसके अलावा घुटकु और कलमितर रेलवे स्टेशनों के बीच ओवरहेड रेलवे ट्रैक को भी बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से पार किया गया।

कंपनी के अनुसार यह कार्य अत्यंत तकनीकी, जटिल और चुनौतीपूर्ण था। इसे कार्यालय कार्यपालन अभियंता, ईएचटी (निर्माण), सीएसपीटीसीएल बिलासपुर की निगरानी में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार एल एंड टी (L&T) की टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस परियोजना को सफल बनाने में कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अधीक्षण अभियंता वीवीएस कंवर तथा कार्यपालन अभियंता जीआर जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में ट्रांसमिशन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति को बिना बाधित किए नेटवर्क का विस्तार करना संभव होगा। इससे न केवल उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि राज्य के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी।