SECL में निवारक सतर्कता और सुशासन पर मंथन, केंद्रीय सतर्कता आयोग के सलाहकार राजीव वर्मा ने दिए पारदर्शी प्रशासन के मंत्र - vedantsamachar.in

SECL में निवारक सतर्कता और सुशासन पर मंथन, केंद्रीय सतर्कता आयोग के सलाहकार राजीव वर्मा ने दिए पारदर्शी प्रशासन के मंत्र

बिलासपुर, 06 जुलाई (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय में सोमवार को निवारक सतर्कता, शिकायत निवारण एवं सतर्कता प्रशासन विषय पर एक महत्वपूर्ण संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), नई दिल्ली के परामर्शदाता राजीव वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावी सतर्कता प्रशासन, पारदर्शिता और सुशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की जांच कर दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करना है, जिससे अनियमितताओं की संभावना पहले ही समाप्त हो जाए।

राजीव वर्मा ने अपने संबोधन में शिकायतों के निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण, जोखिम आधारित सतर्कता प्रणाली तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक उपक्रम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों के साथ व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए सतर्कता प्रशासन को मजबूत करने के उपाय भी बताए।

कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि संगठन की कार्यसंस्कृति पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही जैसे मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता प्रभावी प्रशासन का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इस तरह के संवाद कर्मचारियों एवं अधिकारियों में सत्यनिष्ठा की संस्कृति को और मजबूत करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा संकल्प भी दिलाया।

एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि संगठन में डिजीकोल, ऑनलाइन पोर्टल तथा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अन्य आधुनिक प्रणालियों का उपयोग निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम न केवल प्रशासनिक कार्यों को सरल बना रहे हैं, बल्कि निवारक सतर्कता व्यवस्था को भी सशक्त बना रहे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सतर्कता प्रशासन, शिकायत निवारण और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े कई प्रश्न पूछे। राजीव वर्मा ने सभी सवालों के जवाब व्यावहारिक उदाहरणों के साथ दिए और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव साझा किए।

इससे पहले राजीव वर्मा ने एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद उनकी अध्यक्षता में विभागाध्यक्षों और सतर्कता विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की सतर्कता व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल, निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) दरला सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित एसईसीएल के विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, कंपनी के सभी संचालन क्षेत्रों के अधिकारी और कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

एसईसीएल का यह संवादात्मक सत्र संगठन में सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और निवारक सतर्कता की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार के साथ शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष समाधान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।