कमाई का एक और शानदार मौका! सनरूफ बनाने वाली जर्मन कंपनी Webasto ला रही है IPO, जानिए क्या है कंपनी की तैयारी - vedantsamachar.in

कमाई का एक और शानदार मौका! सनरूफ बनाने वाली जर्मन कंपनी Webasto ला रही है IPO, जानिए क्या है कंपनी की तैयारी

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, वेबास्टो (Webasto) 2027 तक अपनी भारतीय यूनिट का 400-500 मिलियन डॉलर का IPO लाने की योजना बना रही है. जर्मनी की यह कार पार्ट्स सप्लायर कंपनी दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मार्केट में सनरूफ की बढ़ती मांग का फायदा उठाना चाहती है. ईटी की रिपोर्ट में नाम न बताने की शर्त पर इन लोगों ने कहा कि इस प्रस्तावित पब्लिक इश्यू से वेबास्टो रूफसिस्टम्स इंडिया की वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है.

उन्होंने बताया कि IPO प्रोसेस को मैनेज करने के लिए एक्सिस कैपिटल और जेएम फाइनेंशियल को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ओपनेबल रूफ सिस्टम (खुलने वाली छत वाले सिस्टम) के ग्लोबल मार्केट लीडर वेबास्टो ने भारत में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है. महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई मोटर इंडिया और किआ इंडिया जैसी प्रमुख कार मेकर कंपनियां इसकी कस्टमर हैं.

500 मिलियन आईपीओ का प्लान
भारत में सनरूफ वाली पैसेंजर गाड़ियों की बढ़ती मांग के कारण वेबास्टो देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को काफी बढ़ा रही है. पुणे और चेन्नई में अपने मौजूदा प्लांट्स के अलावा, कंपनी हरियाणा में एक नई फैसिलिटी भी बना रही है, जिसमें दिसंबर तिमाही से कामकाज शुरू होने की उम्मीद है. 2027 में 500 मिलियन डॉलर का IPO लाने का प्रस्ताव है, जिससे वेबास्टो रूफसिस्टम्स इंडिया की वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर होने की संभावना है. हरियाणा में मानेसर और खरखौदा के बीच स्थित इस नई फैसिलिटी की सालाना क्षमता लगभग 500,000 यूनिट्स रखने की योजना है. वेबास्टो ने कहा था कि यह विस्तार सनरूफ की सेल्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से किया जा रहा है.

पिछले सालों में कैसी रही कमाई?
वेबास्टो रूफसिस्टम्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 में शानदार परफॉर्मेंस दिखाई. कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 के 720 करोड़ रुपए से 31 फीसदी बढ़कर 946.5 करोड़ रुपए हो गया. ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर मार्जिन की मदद से कंपनी 9.1 करोड़ रुपए के पिछले साल के नुकसान से उबरकर 31.4 करोड़ रुपए के नेट प्रॉफिट में आ गई. रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, एबिटडा वित्त वर्ष 2024 के 36 करोड़ रुपए से लगभग तीन गुना बढ़कर 102 करोड़ रुपए हो गया. वेबास्टो ने 2019 से अपने भारतीय कारोबार को बढ़ाने में 110 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. कंपनी के हालिया बयान के अनुसार, वह वित्त वर्ष 2030 तक कुल 174 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है.

किस देश से कितनी की कमाई?
वेबास्टो ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025 में 4 बिलियन का ग्लोबल रेवेन्यू दर्ज किया, जो 7.4 फीसदी की गिरावट है. कंपनी ने बताया कि इस साल ग्रुप के रेवेन्यू में यूरोप का हिस्सा 35 फीसदी रहा, अमेरिका का हिस्सा 28 फीसदी पर स्थिर रहा, चीन का हिस्सा 18 फीसदी रहा और एशिया पैसिफिक (APAC) क्षेत्र का हिस्सा बढ़कर 19 फीसदी हो गया, जो चार प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी है. रूफ सिस्टम का बिजनेस सबसे बड़ा सेगमेंट बना रहा, जिससे लगभग 3 बिलियन या रेवेन्यू का 79 फीसदी हिस्सा आया. बैटरी सिस्टम का हिस्सा लगभग 300 मिलियन या 8 फीसदी था, जबकि थर्मो मैनेजमेंट का योगदान लगभग 500 मिलियन या 13 फीसदी रहा.

ऑटोमोटिव सेक्टर में आ रहे कई IPO
भारत के ऑटोमोटिव सेक्टर में कई IPO आ रहे हैं क्योंकि कंपोनेंट बनाने वाली और व्हीकल टेक्नोलॉजी कंपनियां मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का फ़ायदा उठाना चाहती हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेट इक्विटी फर्म कार्लाइल अपने भारतीय ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म, हाईवे रूप प्रिसिजन टेक्नोलॉजीज़ के लिए 500 मिलियन डॉलर का IPO लाने की योजना बना रही है. प्रस्तावित लिस्टिंग, जिसके 2027 के मध्य तक होने की उम्मीद है, से हाईवे रूप की वैल्यू लगभग 2 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है.

वेबास्टो की प्रस्तावित लिस्टिंग भारत में ऑटोमोटिव IPO की बढ़ती पाइपलाइन में एक और नाम जोड़ देगी, जिसमें बेलराइज इंडस्ट्रीज और कैरारो इंडिया जैसी कंपनियों के IPO पहले ही आ चुके हैं. ऑटोमेकर्स को चेसिस सिस्टम, एग्जॉस्ट सिस्टम और पॉलीमर कंपोनेंट सप्लाई करने वाली कंपनी बेलराइज इंडस्ट्रीज ने 2025 में IPO के जरिए 2,150 करोड़ रुपए जुटाए. इटैलियन ट्रांसमिशन और एक्सल बनाने वाली कंपनी की इंडियन ब्रांच, कैरारो इंडिया, 2024 में लिस्ट हुई थी.