RAIPUR : डीएमएफ से रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में 35.77 करोड़ के 13 विकास कार्यों को मंजूरी - vedantsamachar.in

RAIPUR : डीएमएफ से रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में 35.77 करोड़ के 13 विकास कार्यों को मंजूरी

रायपुर,03 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि से 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 13 विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों में शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार स्वीकृत परियोजनाओं का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों, युवाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा और धरमजयगढ़ विकासखंडों में पुस्तकालय भवनों के निर्माण एवं अन्य संबंधित कार्यों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन पुस्तकालयों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा।

कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के भवन के जीर्णोद्धार हेतु 1 करोड़ 56 लाख 30 हजार रुपये तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के उन्नयन के लिए 82 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे तकनीकी प्रशिक्षण सुविधाएं मजबूत होंगी और युवाओं के लिए रोजगारपरक अवसर बढ़ेंगे।

कृषि अधोसंरचना के विकास के तहत तमनार विकासखंड में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए 1 करोड़ 21 लाख 81 हजार रुपये की लागत से व्यावसायिक परिसर तथा 1 करोड़ 5 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड यार्ड का निर्माण कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि उत्पादों के भंडारण, विपणन और व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 24 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से आठ प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इनमें पीपराही-डीपापारा, सुबरा-कटकलिया, कोंडकेल-गेरूपानी, ढाप-भवानीपुर, किलकिला-उड़ीसा सीमा, बरमुड़ा-उकारीपाली, टेरम-छिरभौंना तथा बाम्हनबहरी-पुलाईआंट मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी।

इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप 365 दिनों के भीतर पूरा करने तथा नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।