जांजगीर-चांपा, 18 जून 2026। जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों, योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन, नक्शा बंटाकन, स्वामित्व योजना, आवास पट्टा सर्वे, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों और अवैध अतिक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने एग्रीस्टेक पंजीयन के तहत शेष किसानों का विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि पात्र किसानों का समय पर पंजीयन होने से उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

नक्शा बंटाकन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कैम्प कोर्ट आयोजित कर लंबित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।
बैठक में अवैध अतिक्रमण के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित भूमि की पहचान के लिए लाल झंडी लगाई जाए तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए नियमित निगरानी रखी जाए। अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगरीय निकाय क्षेत्रों में आवास पट्टा सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों का सर्वे समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं स्वामित्व योजना के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर हितग्राहियों को स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में भू-अर्जन प्रकरणों, मुआवजा भुगतान, डायवर्सन, ई-कोर्ट में लंबित राजस्व मामलों, डिजिटल भूमि अभिलेख, भू-राजस्व वसूली, प्राकृतिक आपदा सहायता प्रकरणों तथा जनदर्शन और समय-सीमा के आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.के. तंबोली, सभी एसडीएम, तहसीलदारों सहित राजस्व विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

