रायगढ़,18 जून (वेदांत समाचार)। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रायगढ़ जिला लगातार उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। जनभागीदारी, औद्योगिक संस्थानों के सहयोग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले की 550 ग्राम पंचायतों में से 358 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। यह जानकारी जिला स्तरीय क्षय उन्मूलन कार्यकारिणी की अंतरविभागीय बैठक में सामने आई।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निक्षय मित्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि समाज, उद्योगों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बैठक में बताया गया कि जिले में कई बड़े औद्योगिक संस्थान टीबी मरीजों की देखभाल और सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एनटीपीसी लारा, जेपीएल, हिंडालको, अडानी, जिंदल साउथ वेस्ट स्टील, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स, नालवा, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड तथा एसईसीएल सहित विभिन्न संस्थानों ने उपचाररत टीबी मरीजों को गोद लिया है। इन संस्थानों द्वारा मरीजों को नियमित रूप से फूड बास्केट, पोषण सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके अलावा जांच और उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लैब तकनीशियनों की व्यवस्था भी की गई है। इससे मरीजों को समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाएं मिल रही हैं।
बैठक के दौरान टीबी मरीजों की वर्तमान स्थिति, उपचार सफलता दर, निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी और टीबी मुक्त पंचायत अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि जिले में टीबी नियंत्रण के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
कलेक्टर ने अभियान से जुड़े सभी विभागों, स्वास्थ्य कर्मियों, निक्षय मित्रों और औद्योगिक संस्थानों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से रायगढ़ जिले को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जाएगा।
बैठक में एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

