CG NEWS : बंदी संजय बघेल मृत्यु मामला: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर रखा पक्ष, एसएसपी बोले- थाने में नहीं हुई मारपीट... - vedantsamachar.in

CG NEWS : बंदी संजय बघेल मृत्यु मामला: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर रखा पक्ष, एसएसपी बोले- थाने में नहीं हुई मारपीट…

रायगढ़,16 जून (वेदांत समाचर)। थाना कोतरारोड में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए बंदी संजय बघेल की मृत्यु के मामले में जिला पुलिस ने पहली बार विस्तृत रूप से अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

एसएसपी ने कहा कि थाना कोतरारोड में संजय बघेल के साथ किसी प्रकार की मारपीट या अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को पानी पिलाने, भोजन कराने तथा परिजनों से मुलाकात करवाने जैसे दृश्य दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि मामले की न्यायिक जांच जारी है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

पुलिस के अनुसार 10 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अरसीपाली चौक के पास एक व्यक्ति अवैध महुआ शराब लेकर खड़ा है। सूचना के आधार पर प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान संजय बघेल के कब्जे से छह पन्नियों में भरी कुल 30 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। इसके बाद उसे दोपहर 12:43 बजे थाना कोतरारोड लाया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी को बंदीगृह के बाहर बैठाया गया और उसके परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर उसका भाई अजय बघेल और अन्य परिजन थाना पहुंचे। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद दोपहर 2:15 बजे उसकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार दोपहर 2:21 बजे आरोपी आराम करता दिखाई देता है। इसी दौरान उसने पानी मांगा, जिसे पुलिसकर्मियों ने उपलब्ध कराया। फुटेज में उसे अन्य आरोपियों की तरह भोजन करते हुए भी देखा जा सकता है। इसके अलावा आरोपी अपने परिजनों से बातचीत करता भी दिखाई देता है।

पुलिस के अनुसार उसी दिन नकली शराब प्रकरण के आरोपी सुभाष पटेल के खिलाफ भी कार्रवाई चल रही थी और दोनों आरोपियों को थाना परिसर में रखा गया था। शाम करीब 4:35 बजे दोनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण, फिंगर प्रिंट प्रक्रिया और न्यायालय में पेशी के लिए थाना से रवाना किया गया।

एसएसपी ने बताया कि चिकित्सीय परीक्षण के दौरान संजय बघेल ने डॉक्टर को किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की थी। मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया है। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे दोनों आरोपियों को जेल दाखिल कराया गया, जहां संजय बघेल का परिजन राकेश बघेल भी मौजूद था।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक की पूरी प्रक्रिया में कहीं भी मारपीट या दुर्व्यवहार के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए थाना परिसर में मारपीट के लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया निराधार प्रतीत होते हैं।

हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर शराब प्रकरण में रुपये लेने के लगाए गए आरोप को गंभीरता से लिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। शिकायत की जांच डीएसपी मुख्यालय स्तर पर कराई जा रही है।

मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट में शरीर पर मौजूद चोटों को मृत्यु का कारण नहीं बताया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और विसरा परीक्षण की अनुशंसा की गई है।

एसएसपी ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों और अन्य तथ्यों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिला पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।