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CG NEWS:मणीकंचन केंद्र आगजनी मामले में कार्रवाई पांच किसानों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना…

धमतरी,16 जून (वेदांत समाचर)। धमतरी शहर के बागतराई रोड स्थित मणीकंचन केंद्र में हुई आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के बाद पांच किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के तहत अर्थदण्ड लगाया गया है। प्रत्येक किसान पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रावधानों के तहत लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 मई को नगर पालिक निगम धमतरी के वार्ड क्रमांक 35 स्थित लिगेसी वेस्ट स्थल पर हुई थी। यहां करीब 23 हजार टन पुराना कचरा (लिगेसी वेस्ट) संग्रहित था। इसी दौरान अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और धुआं फैलने से आसपास के क्षेत्रों में भी दिक्कतें हुईं।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि पास के खेतों में जलाई गई पराली की आग फैलकर कचरा स्थल तक पहुंची हो सकती है। इसके बाद राजस्व विभाग ने मामले की जांच शुरू की और हल्का पटवारी से रिपोर्ट तलब की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मणीकंचन केंद्र के आसपास के कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने की घटना हुई थी। इसके बाद संबंधित किसानों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष भी लिया गया। हालांकि किसानों ने पराली जलाने से इनकार किया, लेकिन उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने उन्हें जिम्मेदार माना। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों द्वारा पराली जलाने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसी नियम के तहत पांचों किसानों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अर्थदण्ड की वसूली के लिए संबंधित किसानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके अपनाएं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति भी रोकी जा सकेगी। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे पर्यावरण सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ किसानों में इसे लेकर असंतोष भी देखा जा रहा है।